राजकोट जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
लोधिका, कोटडासांगाणी और गोंडल में छापेमारी; 2.07 लाख रुपये के गैस सिलेंडर जब्त, होटल-रेस्तरां और दुकानों में हो रही थी अवैध इस्तेमाल की जांच
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच आम नागरिकों को घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजकोट जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश और जिला आपूर्ति अधिकारी आशीष झपड़ा के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न तालुकों में टीमों का गठन कर व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लोधिका, कोटडासांगाणी और गोंडल क्षेत्रों में छापेमारी कर कुल 2,07,138 रुपये मूल्य के घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
प्रशासन द्वारा गठित टीमों ने जिले के विभिन्न होटलों, रेस्टोरेंट, चाय की दुकानों, फरसाण स्टोर, स्नैक हाउस और फास्ट फूड सेंटरों में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग की जांच की। जांच के दौरान कई स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाया गया, जिसके बाद उन्हें जब्त कर संबंधित गैस एजेंसियों को सौंप दिया गया।
गोंडल ग्रामीण क्षेत्र के बिलियाला गांव में मामलतदार (ग्रामीण) की टीम ने 15 भरे और 10 खाली समेत कुल 25 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग 45,410 रुपये आंकी गई। इसके अलावा विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंट से 5 घरेलू सिलेंडर भी जब्त किए गए, जिनकी कीमत 11,038 रुपये बताई गई है। गोंडल शहर क्षेत्र में जांच के दौरान एक घर से रिलायंस कंपनी के 38 खाली गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 63,400 रुपये है। इन्हें भी जब्त कर गैस एजेंसी को सौंप दिया गया।
लोधिका तालुका के मेटोडा जीआईडीसी स्थित परिश्रम रेस्टोरेंट की जांच के दौरान 10 घरेलू गैस सिलेंडर अवैध रूप से उपयोग में पाए गए, जिन्हें जब्त कर गैस एजेंसी को सौंप दिया गया। इन सिलेंडरों की कीमत 24,574 रुपये बताई गई है।
कोटडासांगाणी तालुका के पडवाला गांव में जयदीपभाई विनोदभाई आंबलिया के पास से एक भरा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर अवैध रूप से रखा मिला, जिसकी कीमत 3,058 रुपये है। इसी प्रकार रामोद गांव में महावीर पावभाजी के पास एक घर से 31 खाली घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 59,658 रुपये आंकी गई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि जिले भर में कुल 18 गैस एजेंसियों का भी निरीक्षण किया गया है। साथ ही गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रत्येक एजेंसी और गोदाम पर एक पुलिस कांस्टेबल और एक राजस्व कर्मचारी की तैनाती की गई है, ताकि घरेलू गैस की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।
