वडोदरा : डेसर तालुका को बाल विवाह मुक्त और नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशिक्षण आयोजित

यह कार्यक्रम 100 दिवसीय थीम आधारित अभियान के तहत तालुका सेवा सदन, डेसर में संपन्न हुआ

वडोदरा : डेसर तालुका को बाल विवाह मुक्त और नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशिक्षण आयोजित

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान और नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वडोदरा के डेसर तालुका को बाल विवाह एवं नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 100 दिवसीय थीम आधारित अभियान के तहत शुक्रवार को तालुका सेवा सदन, डेसर में संपन्न हुआ।

इस प्रशिक्षण का आयोजन जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय, वडोदरा और मिरेकल फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देसर तालुका के सभी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज को बाल विवाह तथा नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना था।

जिला प्रशासन द्वारा परिवार सशक्तिकरण से जुड़े एक पायलट प्रोजेक्ट के लिए डेसर तालुका का चयन भी किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के अधिकार, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 (Prohibition of Child Marriage Act 2006), मिशन वात्सल्य तथा बच्चों को नशा मुक्त रखने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अमित वसावा (जिला बाल संरक्षण अधिकारी), जयेशभाई मुंधवा (मिरेकल फाउंडेशन), हिनाबेन (सीडीपीओ), जितेंद्र मेहरिया (संरक्षण अधिकारी) सहित डेसर तालुका के सभी गांवों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव में जाकर बाल विवाह रोकने, बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने और नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि डेसर तालुका को एक सुरक्षित और जागरूक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सके।

Tags: Vadodara