सूरत : वीएनएसजीयू का 58वां दीक्षांत समारोह, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 8,725 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां

राज्यसभा सांसद गोविंदभाई ढोलकिया ने युवाओं को दिया ईमानदारी और कड़ी मेहनत का मंत्र; डिजिलॉकर में डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी सभी डिग्रियां

सूरत : वीएनएसजीयू का 58वां दीक्षांत समारोह, शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 8,725 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां

सूरत। राज्यसभा सांसद गोविंदभाई ढोलकिया की उपस्थिति में वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (वीएनएसजीयू) का 58वां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में 12 विषयों के 99 कोर्स के कुल 8,725 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

इसके अतिरिक्त 149 विद्यार्थियों को Ph.D. तथा 1 विद्यार्थी को M.Phil. की उपाधि दी गई। सभी 8,725 डिग्रियां विद्यार्थियों के डिजिलॉकर में डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी और उन्हें नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी में भी जमा किया गया।

समारोह की शुरुआत संस्कृत पाठशाला के ऋषियों द्वारा शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिससे भारतीय संस्कृति की प्राचीन गुरुकुल परंपरा की झलक देखने को मिली।

कॉन्वोकेशन स्पीच में गोविंदभाई ढोलकिया ने डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता जीवन के मुख्य लक्ष्य की ओर पहला कदम है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जीवन की हर चुनौती को अवसर में बदलें और सच्चाई, ईमानदारी व कड़ी मेहनत के बल पर अपनी पहचान बनाएं।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को पेशेवर जीवन में अनुशासन, नियमित मेहनत और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। साथ ही, सीखे हुए ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करने का संदेश दिया।

उद्घाटन भाषण में कुलपति डॉ. के.एन. चावड़ा ने कहा कि नर्मद यूनिवर्सिटी ने शिक्षा और पारदर्शी प्रशासन से विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC ID) निर्माण और सर्वाधिक क्रेडिट अर्जन में विश्वविद्यालय ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

PM उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय को विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है, जिसमें से 60 करोड़ रुपये से विभिन्न शैक्षणिक विकास परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

इस अवसर पर रजिस्ट्रार आर.सी. गढ़वी, परीक्षा निदेशक ए.वी. धडुक, विभागाध्यक्ष, विश्वविद्यालय पदाधिकारी, कॉलेज प्रिंसिपल और बड़ी संख्या में डिग्रीधारक विद्यार्थी उपस्थित रहे।