सूरत : खाटू फागुन मेले में श्री रंगीला श्याम सेवा समिति का 21वां विशाल भंडारा
रिंगस–खाटू मार्ग पर संतोषपुरा में 24 घंटे सेवा, हजारों श्रद्धालुओं को भोजन और विश्राम की व्यवस्था
फागुन मास में आयोजित बाबा श्याम के लक्खी मेले के दौरान, श्री रंगीला श्याम सेवा समिति द्वारा रिंगस से लगभग 11 किलोमीटर आगे संतोषपुरा में 21वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। खाटूधाम की ओर पैदल यात्रा कर रहे लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह भंडारा सेवा और समर्पण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां निशान लेकर आने वाले भक्तों को भोजन, पेयजल और विश्राम की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
समिति के गणेश अग्रवाल ने बताया कि इस भंडारे की तैयारियां लगभग तीन महीने पहले से शुरू हो जाती हैं। लाइट, टेंट, दरबार और रसोई की व्यवस्था में गौरीशंकर बागड़, राजेश अग्रवाल (बबलू), रजनीश अग्रवाल (रिंकू), मनोज (अनीता) और मनोज पंसारी सहित कई सदस्य सक्रिय भूमिका निभाते हैं। आयोजन से पांच दिन पहले 10 से 15 सदस्यों की टीम स्थल पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करती है, जिसमें अध्यक्ष अंकित कदमवाल, मनोज अग्रवाल (चीकू), तिलक शर्मा, अंकुर, शिव पंसारी और अजय खेतान (मामा) प्रमुख रूप से शामिल रहते हैं।

भंडारे में प्रतिदिन 25 से 30 हजार कप चाय, 10 हजार गिलास छाछ और नींबू पानी तथा 8 से 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए दोपहर और रात्रि भोजन की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त फल, चाट, पॉपकॉर्न जैसे विशेष काउंटर भी लगाए गए हैं। खास बात यह है कि जब रात्रि में अन्य भंडारे बंद हो जाते हैं, तब भी यह भंडारा लगातार 120 घंटे यानी पांच दिन तक 24 घंटे सेवा देता है, जिसमें करीब 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाता है।
पदयात्रियों के लिए रात्रि विश्राम, रजाई और कंबल की व्यवस्था भी की गई है, जिससे 1500 से 2000 लोगों को राहत मिलती है। इस सेवा कार्य में लगभग 80 सदस्य, उनके परिवार की महिलाएं और बच्चे भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। साथ ही 50 रसोइयों, 100 श्रमिकों, चिकित्सकों की टीम, पदयात्रियों की पांव मालिश के लिए 15 सदस्य तथा बाबा के श्रृंगार, लाइट और साउंड की विशेष टीमें भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। समिति के इस सेवा कार्य को श्रद्धालु मानवता और भक्ति का अद्भुत संगम मान रहे हैं।
