सूरत : मिरिक और ओपेरा ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड; 80 अधिकारियों की टीम ने खंगाले दस्तावेज

मार्च एंडिंग से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप; नवसारी से धोलेरा तक फैले प्रोजेक्ट्स जांच के घेरे में, कोडवर्ड वाली डायरियां जब्त

सूरत : मिरिक और ओपेरा ग्रुप पर इनकम टैक्स की रेड; 80 अधिकारियों की टीम ने खंगाले दस्तावेज


सूरत : फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आखिरी महीने में सूरत इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिरिक ग्रुप और ओपेरा ग्रुप के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। बुधवार तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई में करीब 80 अधिकारियों की टीम शामिल रही।

सूत्रों के मुताबिक, विभाग को डेटा एनालिटिक्स के जरिए जानकारी मिली थी कि कुछ प्रोजेक्ट्स में बुकिंग के दौरान बड़ी मात्रा में कैश ट्रांज़ैक्शन हुए हैं। मार्च क्लोजिंग से पहले की इस कार्रवाई को टैक्स टारगेट और अनअकाउंटेड कैश फ्लो से जोड़कर देखा जा रहा है।

ओपेरा ग्रुप के नवसारी स्थित प्लॉटिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स तथा मिरिक ग्रुप के धोलेरा SIR प्रोजेक्ट्स की जांच की जा रही है। विभाग ने पिछले तीन वर्षों के सेल्स रजिस्टर, रॉ अकाउंट्स और अन्य दस्तावेज़ जब्त किए हैं, जिनकी तुलना दाखिल किए गए आयकर रिटर्न से की जाएगी।

जांच की आंच जमीन ब्रोकर्स विकमल राव और अगम बडेचा तक भी पहुंची है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टाम्प ड्यूटी बचाने के लिए जंत्री से अधिक राशि नकद में लेने की आशंका है। ब्रोकर्स के ठिकानों से कुछ अहम दस्तावेज़ बरामद होने की बात सामने आई है।

रेड के दौरान तकनीकी टीम ने सर्वर और क्लाउड स्टोरेज से डिजिटल डेटा जब्त किया। कुछ डायरियों में कोडवर्ड में दर्ज लेन-देन मिले हैं, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा डिकोड किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

 फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और लॉकर खोलने की प्रक्रिया बाकी है। मार्च के अंत तक करोड़ों रुपये की अघोषित आय सामने आने की संभावना जताई जा रही है। आयकर विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य न सिर्फ टैक्स रिकवरी है, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में अनअकाउंटेड मनी के प्रवाह पर रोक लगाना भी है।

इस कार्रवाई के बाद शहर के बिल्डर और इंडस्ट्रियल सर्किल में हलचल तेज हो गई है।