सूरत : दीन सहायक विद्या मंदिर में फलों-सब्जियों की प्रैक्टिकल पाठशाला
बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से पोषण और स्वास्थ्य की दी गई जानकारी
वेसू स्थित हिंदू सनातन सेवा पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित दीन सहायक विद्या मंदिर निःशुल्क शिक्षा संस्थान में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को विद्यार्थियों के लिए फलों और सब्जियों पर आधारित विशेष प्रैक्टिकल पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अनोखी कक्षा में बच्चों को विभिन्न फलों-सब्जियों को हाथ में लेकर उनकी पहचान, उपयोगिता और स्वास्थ्य लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया।
संस्था के प्रमुख गिरिजा शंकर उपाध्याय ने बताया कि तरबूज, मूली, लौकी, गाजर, पपीता, गोभी, बैंगन, सहजन, कोहड़ा और करेला जैसी सब्जियों और फलों के बारे में बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से जानकारी दी गई, जिससे उनमें विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने बताया कि मूली पाचन सुधारने, उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने और वजन घटाने में सहायक होती है, जबकि तरबूज में लगभग 92 प्रतिशत पानी होने के कारण यह शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है। लौकी को पोषक तत्वों से भरपूर बताते हुए कहा गया कि यह पाचन, वजन नियंत्रण और रक्तचाप संतुलन में लाभकारी है, वहीं गाजर आंखों की रोशनी और पाचन के लिए उपयोगी है।
पपीते को स्वास्थ्य का खजाना बताते हुए कहा गया कि यह सर्दियों में शरीर को गर्माहट देता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। शिक्षिका दक्ष वाघ ने पालक को आयरन, कैल्शियम, विटामिन और फाइबर से भरपूर “सुपर फूड” बताते हुए कहा कि इसके सेवन से खून की कमी दूर होती है और शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती है।
संस्था के संस्थापक गिरिजा शंकर उपाध्याय ने कहा कि पुस्तकों के साथ-साथ यदि बच्चों को इस प्रकार व्यावहारिक तरीके से पढ़ाया जाए, तो वे विषय को अधिक अच्छी तरह समझते हैं। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस प्रैक्टिकल कक्षा में भाग लिया और फलों-सब्जियों के महत्व को करीब से समझा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पोषण संबंधी जानकारी को सरल तरीके से पहुंचाना रहा।
