वडोदरा :  महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे ने वडोदरा मंडल के दो कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया

 रेलवे के संचालन में संरक्षा सर्वोपरि होती है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी की सजगता एवं सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है

वडोदरा :  महाप्रबंधक, पश्चिम रेलवे ने वडोदरा मंडल के दो कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया

 रेलवे के संचालन में संरक्षा सर्वोपरि होती है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी की सजगता एवं सतर्कता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (प्रभारी) प्रदीप कुमार ने वडोदरा मंडल के दो रेल कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए “मैन ऑफ द मंथ”  संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। ये पुरस्कार जनवरी 2026 के दौरान ड्यूटी पर रहते हुए सतर्कता दिखाने और संभावित दुर्घटनाओं को समय रहते टालने में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रदान किए गए।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारी (1) अनूप कुमार मीना, पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के गोधरा गुड्स लोको पायलट ,के पद पर कार्यरत हैं। दिनांक 03.01.2026 को टीएसएसडब्ल्यू में, ट्रेन के साइड बेयरर की जीडीआर जाँच के दौरान, वैगन अपनी निर्धारित स्थिति से खिसकी हुई पाई गई,जो आगे संचालन हेतु असुरक्षित थी। तदनुसार उक्त ट्रेन को आगे चलने के लिए अनुपयुक्त घोषित करते हुए संबंधित वैगन को ट्रेन से अलग कर दिया गया। इस संबंध में तत्काल स्टेशन मास्टर- बनाकबोरी  एवं कंट्रोल- वडोदरा  को सूचना दी गई। वैगन की पूर्णतः जाँच की गई तथा उसकी असुरक्षित स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उसे हटाया गया।

उनकी समयोचित,सतर्क एवं जिम्मेदार कार्रवाई से कार्य के प्रति उनकी तत्परता एवं ईमानदारी परिलक्षित होती है, जिसके परिणामस्वरूप ट्रेन को लाइन पर किसी भी संभावित अप्रिय घटना से सुरक्षित रखा जा सका।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारी (2) चंद्र कान्त सिंह वडोदरा में (ट्रेन मैनेजर),के पद पर कार्यरत हैं। दिनांक 11.01.2026 को, जीडीआर करते समय चंद्र कान्त सिंह ने रेक का सावधानीपूर्वक निरीक्षण किया तथा अंकलेश्वर पर एक वैगन में फ्लैट टायर पाया। दोष की गंभीरता एवं उससे उत्पन्न संभावित सुरक्षा खतरे को समझते हुए उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की। 

परिणामस्वरूप,कैरिज एंड वैगन स्टाफ द्वारा भरूच पर उक्त डिफेक्टिव वैगन को अलग कर दिया गया,जिससे ट्रेन संचालन से संबंधित किसी भी प्रकार के जोखिम को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया। उनके द्वारा समय रहते डिफेक्ट का पता लगाना एवं सुरक्षा की दृष्टि से की गई त्वरित कार्यवाही से एक संभावित असुरक्षित घटना टल गई,जिससे रोलिंग स्टॉक की सुरक्षा तथा ट्रेन संचालन की सुचारुता सुनिश्चित हुई। सतर्कता,तकनीकी दक्षता एवं कर्तव्यनिष्ठा अत्यंत सराहनीय है तथा यह उनके तथा भारतीय रेल की प्रतिष्ठा में वृद्धि करती है।

महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि ये सभी कर्मचारी अपने कार्य के प्रति समर्पित रहकर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। पश्चिम रेलवे को अपने ऐसे कर्मचारियों पर गर्व है, जो विषम परिस्थितियों में भी धैर्य और समझदारी के साथ कार्य करते हैं और रेल संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि यह पश्चिम रेलवे की उस संस्कृति को भी प्रतिबिंबित करता है, जहाँ संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

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