सूरत : रोटरी सूरत रिवरसाइड के 'पोषण और हुम्फ़ अभियान' के 100 स्वर्णिम सप्ताह, कुपोषण के खिलाफ जंग में बड़ी जीत
आंगनवाड़ी के बच्चों में दिखा क्रांतिकारी बदलाव, 'कुपोषित' से 'सामान्य' श्रेणी में आए मासूम; डॉ. प्रशांत कारिया ने आयरन और मस्तिष्क विकास पर दी महत्वपूर्ण जानकारी
सूरत। समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था रोटरी सूरत रिवरसाइड ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। क्लब द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी परियोजना “पोषण और हुम्फ़ अभियान” ने सफलतापूर्वक अपने 100 सप्ताह पूरे कर लिए हैं।
पिछले दो वर्षों से निरंतर चल रहा यह अभियान आंगनवाड़ी नंबर 36 और 37 के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए जीवनदायिनी साबित हुआ है।
कुपोषण से सामान्य श्रेणी तक का सफर इस प्रकार है। किसी भी अभियान की असली सफलता उसके परिणामों में होती है। इस परियोजना के सकारात्मक प्रभाव अब धरातल पर स्पष्ट हैं।
स्वास्थ्य सुधार: जो बच्चे पहले 'कुपोषित' श्रेणी में थे, वे अब 'सामान्य' श्रेणी में आ चुके हैं।शारीरिक व मानसिक विकास: बच्चों के वजन, लंबाई और सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। निरंतर सेवा: बिना किसी बाधा के पिछले 100 सप्ताह से पौष्टिक आहार और परामर्श प्रदान किया जा रहा है।
इस अवसर पर आयोजित सत्र में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कारिया ने माताओं को संबोधित करते हुए चौंकाने वाले तथ्य साझा किए।"मस्तिष्क का 80% से 90% विकास शुरुआती 5 वर्षों में ही हो जाता है। यदि इस दौरान बच्चे में आयरन (लौह तत्व) की कमी हो जाए, तो इसका दुष्प्रभाव आजीवन उसकी मानसिक क्षमता और व्यवहार पर पड़ता है।"
उन्होंने बताया कि आयरन न केवल हीमोग्लोबिन बढ़ाता है, बल्कि मस्तिष्क के न्यूरॉन्स और डोपामिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण के लिए भी अनिवार्य है।
डॉ. कारिया ने एनीमिया (खून की कमी) को जड़ से मिटाने के लिए सरल उपाय बताए। आहार: भोजन में गुड़, खजूर, काले चने, अंजीर और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें। विटामिन C का जादू: आयरन के अवशोषण के लिए भोजन के साथ नींबू, आंवला या संतरा जरूर लें।
क्या न करें: बच्चों को चाय बिल्कुल न दें (यह आयरन सोखने में बाधा डालती है) और केवल दूध पर निर्भर न रखें।
कृमिनाशक: पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए हर 6 माह में दवा दें।
इस वृहद परियोजना को क्लब के प्रेसिडेंट गौतम रावल और सेक्रेटरी मनोज गजिवाला के मार्गदर्शन में सफलता मिली है। सर्विस प्रोजेक्ट इंचार्ज एमिली जेकब, हुम्फ़ प्रोजेक्ट चेयर जयना गजिवाला और राखी जिंदाल की समर्पित टीम ने संसाधनों के प्रबंधन और लाभार्थियों से व्यक्तिगत जुड़ाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रोटरी सूरत रिवरसाइड का यह प्रयास "एनीमिया मुक्त भारत" के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ नींव रख रहा है।
