सूरत : गुजरात बजट से सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी नई दिशा- चैंबर
टेक्सटाइल, एक्सपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस; सूरत इकोनॉमिक रीजन के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान
सूरत। राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए गुजरात बजट का सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने स्वागत करते हुए इसे उद्योग और व्यापार के लिए दूरदर्शी और प्रगतिशील बताया है।
चैंबर का कहना है कि बजट में इंडस्ट्री, एक्सपोर्ट और विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं, जिनका सीधा लाभ सूरत को मिलेगा।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि इस वर्ष टेक्सटाइल स्कीम के तहत 2,775 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। उन्होंने कहा कि सूरत देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब है, जहां फाइबर से लेकर तैयार परिधान तक की पूरी वैल्यू चेन मौजूद है। ऐसे में टेक्सटाइल स्कीम के तहत की गई घोषणाओं से सूरत की इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि मॉडर्न मशीनरी, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और एक्सपोर्ट ग्रोथ के लिए उठाए गए कदम सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई गति देंगे, जिससे दक्षिण गुजरात में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
राज्य सरकार ने गुजरात स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के गठन की घोषणा की है। यह काउंसिल एक्सपोर्टर्स को ट्रेनिंग, मार्केट इंटेलिजेंस, अंतरराष्ट्रीय बाजार की जानकारी, पॉलिसी सपोर्ट और ब्रांडिंग सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य निर्यात प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाते हुए उद्योगों को नए वैश्विक बाजारों से जोड़ना है।
चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन, इंडस्ट्री सपोर्ट स्ट्रक्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से गुजरात देश के अग्रणी औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
राज्य में कच्छ, सौराष्ट्र, कोस्टल सौराष्ट्र, नॉर्थ गुजरात, सेंट्रल गुजरात और सूरत इकोनॉमिक रीजन सहित छह आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए 6,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इनमें से 1,000 करोड़ रुपये सूरत इकोनॉमिक रीजन के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे दक्षिण गुजरात में औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी।
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला ने बताया कि अहमदाबाद और सूरत सहित चार क्षेत्रीय केंद्रों में आई-हब विकसित करने के लिए 80 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा अहमदाबाद और सूरत को सैटेलाइट टाउन से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की घोषणा की गई है। इससे कनेक्टिविटी मजबूत होगी और शहरी एवं औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। जीआईडीसी और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा
चैंबर के मानद मंत्री बिजल जरीवाला ने बताया कि 25 जीआईडीसी को स्मार्टजीआईडीसी के रूप में विकसित करने और 1,300 करोड़ रुपये से 120 मिनीजीआईडीसी के अपग्रेडेशन की घोषणा की गई है, जिससे उद्योगों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सूरत में अहमदाबाद के समकक्ष एक मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिससे दक्षिण गुजरात के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
चैंबर के मानद कोषाध्यक्ष सीए मितेश मोदी ने कहा कि गुजरात की बेरोजगारी दर 1.2 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। भारत की कुल जीडीपी में राज्य का योगदान 2010-11 के 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 8.3 प्रतिशत हो गया है, जो मजबूत औद्योगिक प्रगति का संकेत है।
स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत 16,116 करोड़ रुपये का आवंटन शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट, पानी और सीवेज सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा।
चैंबर का मानना है कि बजट में की गई घोषणाएं संतुलित क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक वृद्धि और रोजगार सृजन की दिशा में मार्गदर्शक साबित होंगी।
