सूरत : नए कमिश्नर का कड़ा एक्शन; ड्यूटी से नदारद डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. अजीत भट्ट सस्पेंड
स्वच्छता अभियान-2026 में लापरवाही बर्दाश्त नहीं; भागल मार्केट में सरप्राइज इंस्पेक्शन के दौरान गायब मिले अधिकारी और स्टाफ
सूरत। सूरत नगर निगम के नवनियुक्त म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन ने पद संभालते ही प्रशासनिक व्यवस्था में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त तेवर अपना लिए हैं।
शहर में चल रहे 'स्वच्छता अभियान-2026' में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सेंट्रल जोन के डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. अजीतकुमार प्रवीणचंद्र भट्ट को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
सूरत में 2 फरवरी से 28 फरवरी तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज, 16 फरवरी को भागल सब्जी मार्केट और उसके आसपास के इलाकों की सफाई के लिए विशेष थीम तय की गई थी।
कमिश्नर एम. नागराजन सुबह 8:00 बजे खुद भागल इलाके में सरप्राइज इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे। मौके पर न केवल जिम्मेदार अधिकारी डॉ. अजीत भट्ट गायब थे, बल्कि सफाई कर्मचारी और सुपरवाइजरी स्टाफ का भी अता-पता नहीं था।
थीम और लोकेशन की पूर्व सूचना होने के बावजूद मौके पर कोई सफाई गतिविधि शुरू नहीं की गई थी, जिसे कमिश्नर ने ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही माना।
कमिश्नर नागराजन ने स्पष्ट किया है कि जनहित के कार्यों और शहर की स्वच्छता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। डॉ. भट्ट पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते अपने अधीनस्थ स्टाफ का सही सुपरविजन नहीं किया, जिससे पूरी योजना प्रभावित हुई।
स्वच्छता अभियान-2026: यह अभियान पूरे फरवरी महीने अलग-अलग थीम पर चल रहा है। निगम का लक्ष्य सूरत को स्वच्छता रैंकिंग में नंबर-1 बनाए रखना है। कमिश्नर की इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और यह संकेत मिल गया है कि अब "फील्ड वर्क" में कोताही बरतने वाले अधिकारियों की खैर नहीं।
