सूरत : वेलेंटाइन डे पर श्री कृष्णाराज विद्यालय में मनाया गया मातृ-पितृ पूजन दिवस

विद्यार्थियों ने माता-पिता की पूजा कर लिया आशीर्वाद, संस्कारों से जुड़ने का दिया संदेश, बड़ी संख्या में विद्यार्थी व अभिभावक रहे उपस्थित

सूरत : वेलेंटाइन डे पर श्री कृष्णाराज विद्यालय में मनाया गया मातृ-पितृ पूजन दिवस

जहां एक ओर समाज में पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, वहीं पांडेसरा स्थित श्री कृष्णाराज विद्यालय, छत्रपति शिवाजी नगर (बमरोली रोड) में 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के अवसर पर मातृ-पितृ पूजन दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में नर्सरी से कक्षा 5 (अंग्रेजी माध्यम) तथा नर्सरी से कक्षा 11 (हिन्दी माध्यम) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के माता-पिता, अभिभावक, विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा शिक्षकगण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और भावनात्मक वातावरण से भर गया।

विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राजेन्द्र कुशवाहा ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और पारिवारिक सम्मान के महत्व से जोड़ना है, ताकि विद्यार्थियों में संस्कार और कृतज्ञता की भावना विकसित हो सके।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान की प्रार्थना और सरस्वती वंदना से हुआ। विद्यालय पहुंचने पर अभिभावकों का तिलक एवं पुष्प अर्पित कर स्वागत किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता को भगवान के समान मानते हुए विधिवत तिलक, अक्षत और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भगवान गणेश द्वारा भगवान शिव की परिक्रमा करने की परंपरा का अनुकरण करते हुए अपने माता-पिता की परिक्रमा कर सम्मान प्रकट किया। जिन विद्यार्थियों के माता-पिता उपस्थित नहीं थे, उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को माता-पिता समान मानकर उनकी पूजा कर आशीर्वाद लिया। 

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प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सनातन संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव के बीच ऐसे कार्यक्रम समाज और देश में संस्कारों की जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम का संचालन सुबह पाली की शिक्षिका अंजलि विनोद विश्वकर्मा और दोपहर पाली के शिक्षक संजय साहेब बराड ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षकगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

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