सूरत : उमरपाड़ा में पुनर्निर्मित आंगनवाड़ी केंद्रों का ई-समर्पण
अडानी फाउंडेशनकी पहल से शिक्षा, प्राकृतिक खेती और आजीविका को बढ़ावा
सूरत। सूरत जिले के आदिवासी बहुल उमरपाड़ा तालुका में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल के तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा पुनर्निर्मित आंगनवाड़ी केंद्रों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ई-समर्पण (E-dedication) किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष भाविनीबेन पटेल, विधायक गणपतभाई वसावा और जिला विकास अधिकारी शिवानी गोयल (आईएएस) सहित अन्य अधिकारी, सरपंच और 700 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए।
फाउंडेशन ने उमरपाड़ा तालुका के छह गांव—पिनपुर, शारदा, झुमावाड़ी, वक्रंतम्बा, सेवलन और सतवान—की आंगनवाड़ियों का आधुनिक मानकों के अनुसार पुनर्निर्माण किया है। BALA (Building as Learning Aid) आधारित शैक्षणिक पेंटिंग, रंगीन दीवारें, सुरक्षित ढांचा और स्वच्छ सुविधाओं से इन केंद्रों को बच्चों के लिए अधिक आकर्षक और शिक्षाप्रद बनाया गया है।
इन आंगनवाड़ियों में स्वच्छता, सुरक्षा और सीखने के अनुकूल वातावरण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत इम्पैक्ट रिपोर्ट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, सोलर सिंचाई सहायता से किसानों को जल उपलब्धता, आदिवासी समुदायों के विकास कार्यक्रम, कोटावाली समुदाय के लिए आयवर्धन गतिविधियां, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए रोजगार के अवसर तथा पशुपालन आधारित आजीविका को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया।
जिला विकास अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार और निजी संस्थाओं के बीच समन्वय को ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने उमरपाड़ा क्षेत्र में फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सतत सामाजिक विकास कार्यों की सराहना की।
स्थानीय ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि इन पहलों से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि सरकार और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से गांवों के समग्र विकास को नई गति मिल रही है।
