सूरत : ‘नायिका – 5.0 रंगिनी’ फोक आर्ट्स एंड डांस फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन

साइंस सेंटर में 13-14 फरवरी को लोक कला, नृत्य और युवा प्रतिभाओं का संगम

सूरत : ‘नायिका – 5.0 रंगिनी’ फोक आर्ट्स एंड डांस फेस्टिवल का भव्य उद्घाटन

सूरत। 13 और 14 फरवरी 2026 को सूरत साइंस सेंटर में आयोजित होने जा रहे ‘नायिका – 5.0 रंगिनी’ फोक आर्ट्स एंड डांस फेस्टिवल के लिए शहर में उत्साह का माहौल है।

इस महोत्सव का आयोजन ताल ग्रुप और CIOFF इंडिया द्वारा सूरत नगर निगम के सहयोग से किया जा रहा है। यह फेस्टिवल भारतीय लोक कला और लोक नृत्यों का जीवंत उत्सव है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

इस वर्ष ‘रंगिनी’ को ‘नायिका’ थीम से जोड़ा गया है, जिसे खास तौर पर युवाओं को ध्यान में रखते हुए ग्रीन फेस्टिवल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। ‘रंगिनी – ए यूथ आर्ट फेस्टिवल’ का विचार 16 वर्षीय उभरती कलाकार ज़ैना शश द्वारा प्रस्तुत किया गया है, जो 11वीं कक्षा की छात्रा हैं।

इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों को भारत की विविध लोक कलाओं जैसे पिथोरा आर्ट, मधुबनी पेंटिंग, ज़रदोशी कढ़ाई, हलप्पन आर्ट और अन्य पारंपरिक शैलियों से परिचित कराना और उन्हें प्रोत्साहित करना है।

महोत्सव के दौरान पद्मश्री सम्मानित कलाकारों सहित देश के प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी, जिनमें बच्चे भाग लेकर अपनी कलात्मक प्रतिभा को निखारेंगे।

साथ ही डांस परफॉर्मेंस और ड्राइंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। सूरत और गुजरात के प्रसिद्ध कलाकारों की कलाकृतियां भी इस अवसर पर प्रदर्शित की जाएंगी।

ताल ग्रुप की स्थापना वर्ष 2005 में कलाकार कृतिका शाह द्वारा की गई थी। यह समूह भारतीय लोक नृत्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए कार्यरत है। 8 से 65 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं इस समूह का हिस्सा हैं।

ताल ग्रुप ने 2020 और 2024 में गुजरात में इंटरनेशनल फोकलोर डांस फेस्टिवल का सफल आयोजन किया है तथा कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय लोक नृत्य प्रस्तुत किए हैं।

इस वर्ष ‘नायिका – 5.0’ में सूरत के ताल ग्रुप के कलाकार, स्कूली बच्चे और वडोदरा के कलाकार गरबा, लानी, कथक, कृष्ण भाभी, हिरमी सहित विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा फैशन शो और संगीत कार्यक्रम भी महोत्सव की विशेष आकर्षण होंगे।

आयोजकों के अनुसार, ‘नायिका – 5.0 रंगिनी’ लोक कला और नृत्य के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का कार्य करेगा।

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