सूरत : लोकलुभावन नाटक का दौर खत्म, अब राष्ट्रनिर्माण की राजनीति : अरविंद सिंह
राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सामूहिक विश्वास और सहयोग आवश्यक
हिंदीभाषी महासंघ के महासचिव, भाजपा नेता (गुजरात) और सिवान ज़िला कबड्डी संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह ने रविवार 1 फरवरी को प्रस्तुत केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट तात्कालिक लोकप्रियता के बजाय विजन 2047 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक मजबूत और ज़िम्मेदार दस्तावेज़ है। यह बजट आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की आर्थिक नींव को और सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा, “यह बजट भले ही बहुत लोकलुभावन न लगे, लेकिन इसकी ताकत इसके उद्देश्य और दिशा में है। इंफ्रास्ट्रक्चर, रोज़गार सृजन, आत्मनिर्भर भारत, शिक्षा और गरीब-कल्याण पर स्पष्ट फोकस यह दिखाता है कि सरकार दीर्घकालिक राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता दे रही है।”
अरविंद सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे borrowings को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है। “उधारी का उपयोग उपभोग में नहीं, बल्कि सड़क, रेल, कनेक्टिविटी, उद्योग और अन्य उत्पादक क्षेत्रों में पूंजीगत निवेश के रूप में किया जा रहा है। यही जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन और मजबूत अर्थव्यवस्था की पहचान है। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी को इस संतुलित और साहसिक बजट के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बजट आर्थिक अनुशासन और दूरदृष्टि का परिचायक है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विजन 2047 अब केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और फैसलों के माध्यम से साकार होता दिख रहा है।
अंत में अरविंद सिंह ने कहा, “यह समय सरकार के साथ खड़े होने का है। यह बजट किसी एक वर्ग या एक वर्ष के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य के लिए है। राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सामूहिक विश्वास और सहयोग आवश्यक है।”
