सूरत : स्मृति ईरानी ने बजट को बताया ‘विकसित भारत’ का रोडमैप, MSME और टेक्सटाइल सेक्टर में दिखा नया उत्साह
सूरत। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सूरत दौरे के दौरान बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार के हालिया बजट को विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेश किया गया यह बजट देश की आर्थिक ताकत बढ़ाने वाला है, जिससे सूरत की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले MSME सेक्टर में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि बजट में बायो-फार्मा सेक्टर के लिए घोषित 10,000 करोड़ रुपये के प्रावधान और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर दिए गए ज़ोर से देश में बड़े पैमाने पर रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के लिए विस्तार के रास्ते खुलेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने सूरत से जुड़ी अपनी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि सूरत से उनका 25 साल पुराना जुड़ाव है और उन्होंने यहां स्कूटी पर घूम-घूमकर संगठन का काम किया है। यह शहर उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा रहा है।
इस मौके पर साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के चेयरमैन जीतू वखारिया और चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेता भी मौजूद रहे। उन्होंने बजट के प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि इससे टेक्सटाइल, MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई गति मिलेगी।
बजट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि आरोप लगाने वाला या तो बजट को ध्यान से सुनता नहीं है या फिर उसे ठीक से पढ़ता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का उल्लेख किया गया है, जो ग्रामीण हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट कारीगरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
स्मृति ईरानी ने 11 साल पहले शुरू की गई जनधन योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के खातों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत मौजूद है। साथ ही, देश में तेज़ी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर से गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए टेक्सटाइल पार्क की घोषणा को लेकर स्मृति ईरानी ने कहा कि इससे सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को उम्मीद की नई किरण मिली है। इसके अलावा, उन्होंने सूरत में GCC (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) और फार्मा हब विकसित करने की दिशा में हो रहे प्रयासों पर भी ज़ोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में स्मृति ईरानी ने इन्फ्लुएंसर मीट के दौरान अलग-अलग सेक्टर के लीडर्स से बातचीत कर डेवलप्ड इंडिया के संकल्प को दोहराया।
