सूरत : आढतिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ने मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों का किया भव्य स्वागत

यूरोप के साथ एफटीए और अमेरिका में टैरिफ कटौती से टेक्सटाइल, गारमेंट व एक्सपोर्ट सेक्टर को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ

सूरत : आढतिया कपड़ा एसोसिएशन सूरत ने मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों का किया भव्य स्वागत

शहर के राजहंस इंपीरिया हाउस में आढतिया कपड़ा एसोसिएशन, सूरत द्वारा आयोजित बोर्ड मीटिंग में केंद्र की मोदी सरकार के हालिया ऐतिहासिक आर्थिक एवं व्यापारिक निर्णयों का जोरदार स्वागत किया गया। बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने इन फैसलों को देश के व्यापार और उद्योग के लिए मील का पत्थर बताते हुए उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।

एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल ने कहा कि यूरोप के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐतिहासिक समझौता, केंद्रीय बजट 2026–27 में उद्योग व व्यापार हित में लिए गए फैसले तथा अमेरिका द्वारा प्रस्तावित टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत तक सीमित किया जाना—ये सभी निर्णय देश के व्यापार, उद्योग और विशेष रूप से टेक्सटाइल, गारमेंट एवं एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। इनसे निर्यात को नई गति मिलेगी, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती मिलेगी और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अधिक सशक्त होगी।

बोर्ड मीटिंग में अध्यक्ष प्रहलाद भाई अग्रवाल सहित एसोसिएशन के बोर्ड सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि इन निर्णयों से टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग को दीर्घकालिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि एफटीए लागू होने के बाद भारतीय टेक्सटाइल और गारमेंट उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बड़ा अवसर मिलेगा। वर्तमान में यूरोप में टेक्सटाइल उत्पादों पर लगने वाला 9 से 12 प्रतिशत आयात शुल्क समाप्त होने से भारतीय उत्पाद वहां अधिक सस्ते, प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बनेंगे।

इस अवसर पर आढतिया कपड़ा एसोसिएशन की ओर से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और व्यापार-हितैषी नीतियों के चलते भारत आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। इन नीतियों से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। बैठक के अंत में उपस्थित सभी व्यापारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और देश के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य के प्रति विश्वास व आशा व्यक्त की।

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