सूरत : श्री सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज सूरत का 67वां सामूहिक विवाह समारोह सम्पन्न, 71 जोड़े बने जीवनसाथी

15 हजार लोगों की मौजूदगी, 2000 वॉलंटियर्स की सेवा और समाज सेवा के अनेक आयामों के साथ हुआ आयोजन

सूरत : श्री सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज सूरत का 67वां सामूहिक विवाह समारोह सम्पन्न, 71 जोड़े बने जीवनसाथी

श्री सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज, सूरत द्वारा आयोजित 67वें सामूहिक विवाह समारोह में 71 जोड़े विधिवत वैवाहिक बंधन में बंध गए। सामूहिक विवाह के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता और सरल विवाह परंपरा को बढ़ावा देने वाले इस समाज ने वर्ष 1983 में इसी दिन सामूहिक विवाह आंदोलन की शुरुआत की थी। आज आयोजित इस भव्य समारोह में लगभग 15,000 लोगों की उपस्थिति रही, वहीं रेवेन्यू विभाग के अतिथियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था 150 चैरिटेबल संस्थाओं से जुड़े करीब 2000 वॉलंटियर्स ने संभाली।

शिवम सामूहिक विवाह समारोह में समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक केशुभाई गोटी, धीरूभाई नारोला, जमनाबा भवन को नाम देने वाले हंसराजभाई गोंडलिया, सरदारधाम सूरत के अध्यक्ष जयंतीभाई नारोला, राकेशभाई दूधात तथा आगामी 68वें सामूहिक विवाह समारोह के मेज़बान परिवार दासभाई गजेरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा सूरत के मेयर दक्षेशभाई मावानी, विधायकों के अलावा अनेक महानुभाव भी समारोह में मौजूद रहे।

समाज में राष्ट्रीय चेतना के उद्देश्य से श्री सौराष्ट्र पटेल सेवा समाज द्वारा प्रत्येक शुभ अवसर पर राष्ट्रगान गाने की परंपरा निभाई जाती है। शाम 5 बजे दूल्हा-दुल्हन के आगमन के बाद गंगास्वरूप बहनों द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया। इसके पश्चात उपस्थित जनसमूह ने पूरे सम्मान और राष्ट्रभक्ति के साथ राष्ट्रगान का गायन किया, जिसके बाद 71 मंडपों में विवाह की विधियां प्रारंभ हुईं।

इस अवसर पर गंगास्वरूप पूरीबेन मावजीभाई शंकर एवं वालीबेन परबतभाई धोलकिया सहित अनेक बहनों का अभिनंदन किया गया। महिला विंग की श्रीमती जयश्रीबेन भालाला ने कहा कि सामूहिक विवाह केवल शादी का आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज की प्रतिष्ठा घर की महिलाओं के सम्मान से जुड़ी होती है। 

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मेयर दक्षेशभाई मावानी ने समारोह में उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने, साइबर अपराध से सावधान रहने और बैंक खातों का दुरुपयोग न होने देने का संकल्प दिलाया। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए शहर की स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखने में सहयोग की अपील की।

सौराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की मदद के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले खोडलधाम समिति कागवाड़ के ट्रस्टी दिनेशभाई कुंभानी, अर्थशास्त्री डॉ. संजयभाई मुंजपरा और बाबूभाई जीरावाला को समाज द्वारा सम्मानित किया गया। इसके साथ ही युवा उद्यमी माई मॉल के फाउंडर मेहुलभाई जे. हिरपरा और गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. रिंकलबेन काकड़िया को उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए गौरव सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान लोक समर्पण ब्लड बैंक के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 200 यूनिट रक्त एकत्र हुआ। साथ ही बच्चों ने थैलेसीमिया जागरूकता और रक्तदान का संदेश दिया।

समारोह की एक विशेषता यह रही कि 15,000 लोगों के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था पूरी तरह सेवाभाव से की गई। रमेशभाई वाघानी और अरविंदभाई काकड़िया के मार्गदर्शन में 2000 वॉलंटियर्स ने भोजन, ट्रैफिक, पार्किंग और पवेलियन की व्यवस्थाएं संभालीं।

संस्था के अध्यक्ष कानजीभाई भालाला ने कहा कि जमनाबा विद्यार्थी भवन आज सामाजिक विकास का केंद्र बन चुका है। समारोह के मेज़बान घनश्यामभाई शंकर ने संस्था को एकता का प्रतीक बताते हुए नए जोड़ों को शुभकामनाएं दीं और आयोजन से जुड़े सभी अतिथियों, आयोजकों और वॉलंटियर्स का आभार व्यक्त किया। पूरा आयोजन समाज सेवा, एकता और संस्कारों की मिसाल बनकर सामने आया।

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