सूरत: गजेरा परिवार के 'लक्ष्मी ग्रुप' पर आयकर विभाग का बड़ा छापा

वसंत गजेरा सहित परिवार के सदस्यों से पूछताछ शुरू, रियल एस्टेट डील्स और वित्तीय लेन-देन में भारी गड़बड़ी की आशंका

सूरत: गजेरा परिवार के 'लक्ष्मी ग्रुप' पर आयकर विभाग का बड़ा छापा

सूरत।  गुजरात के जाने-माने उद्योगपति गजेरा परिवार के स्वामित्व वाले लक्ष्मी डायमंड ग्रुप पर आयकर विभाग ने बुधवार (28 जनवरी 2026) सुबह से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस कार्रवाई में आयकर विभाग की DDI विंग की 150 से अधिक अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने गुजरात के विभिन्न शहरों में ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है।

लक्ष्मी ग्रुप डायमंड, एजुकेशन और रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा नाम माना जाता है। आयकर विभाग की यह कार्रवाई खास तौर पर ग्रुप की रियल एस्टेट डील्स और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को लेकर की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, विभाग के पास लक्ष्मी ग्रुप से जुड़े रियल एस्टेट ट्रांजैक्शनों की पूर्व सूचना और इनपुट मौजूद थे, जिसके आधार पर दस्तावेज़ों की गहन जांच की जा रही है।

इस ऑपरेशन के तहत अनिल बगदाना तथा उनके साझेदार तरुण भगत और प्रवीण भूत के व्यवसायिक ठिकानों, आवासों और विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर भी आयकर विभाग की टीमें जांच कर रही हैं। इस व्यापक कार्रवाई के बाद सूरत समेत गुजरात के कारोबारी जगत में हलचल मच गई है।

बताया जा रहा है कि इस सर्च ऑपरेशन की तैयारी पिछले कई दिनों से गोपनीय रूप से की जा रही थी और बुधवार तड़के सभी टीमें एक साथ निर्धारित स्थानों पर पहुंचीं। जांच का मुख्य फोकस लक्ष्मी ग्रुप से जुड़े रियल एस्टेट निवेश, नकद लेनदेन और संभावित हवाला नेटवर्क कनेक्शन्स पर केंद्रित है।

आयकर विभाग द्वारा गजेरा परिवार के प्रमुख साझेदार वसंत गजेरा, चीनू गजेरा और धीरू गजेरा सहित परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, उनके बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। विभाग ने इस मामले में कथित हवाला नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच भी तेज कर दी है।

फिलहाल, आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और जांच प्रक्रिया जारी है।