सूरत : केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3 ओएनजीसी में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया
मुख्य अतिथि चंद्रशेखर ने विद्यार्थियों को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 3, ओएनजीसी में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंद्रशेखर, कार्यकारी निदेशक एवं संयंत्र प्रबंधक, ओएनजीसी हजीरा संयंत्र, सूरत रहे। वहीं विशेष अतिथि के रूप में एस. के. महापात्रा, मुख्य महाप्रबंधक तथा आर. के. मिश्रा, सी.एम. (एच.आर.), ओएनजीसी हजीरा संयंत्र, सूरत की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि के आगमन पर एनसीसी एवं भारत स्काउट एंड गाइड के विद्यार्थियों द्वारा सम्मानपूर्वक स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि चंद्रशेखर द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन हुआ, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया। विद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार ने अतिथियों का हरित स्वागत किया।
प्राचार्य राजेश कुमार ने अपने स्वागत भाषण में गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति कविताएं, सामूहिक नृत्य एवं प्रेरक भाषणों ने उपस्थितजनों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं उच्च गुणवत्ता वाले परीक्षा परिणाम देने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि चंद्रशेखर ने अपने आशीर्वचन में विद्यार्थियों को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक और देश के कर्णधार हैं। उन्होंने छात्रों से शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, समयबद्धता और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को देशहित में कार्य कर भारत को आत्मनिर्भर एवं सशक्त राष्ट्र बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन दिलीप कुमार शर्मा (पीजीटी हिंदी) एवं सुश्री कोमल (प्राथमिक शिक्षिका) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में भुवनेश जांगिड़ ने सभी आगंतुकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। मिष्ठान वितरण के साथ समारोह का समापन हुआ।
