सूरत : संप्रति फाउंडेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क AI कार्यशाला का समापन समारोह संपन्न

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री त्रिकम चंगाजी ने बांटे सर्टिफिकेट; बोले- "गुजरात में अपनी तरह की पहली और अनूठी पहल"

सूरत : संप्रति फाउंडेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क AI कार्यशाला का समापन समारोह संपन्न

सूरत। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर संप्रति फाउंडेशन एवं नवगुरुकुल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) कार्यशाला का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह माननीय श्री त्रिकम चंगाजी, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री, गुजरात सरकार की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

यह कार्यशाला सूरत स्थित डॉ. एस. एंड एस. एस. गांधी गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित की गई थी, जिसमें 720 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिदिन 8 घंटे के गहन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिसमें विद्यार्थियों को आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी व्यावहारिक और भविष्योपयोगी जानकारी दी गई।

स्वागत भाषण में संप्रति फाउंडेशन के अध्यक्ष  नीरवभाई शाह ने AI के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज की पीढ़ी के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस कितना आवश्यक और उपयोगी बन चुका है।

इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री त्रिकम चंगाजी ने संप्रति फाउंडेशन और नवगुरुकुल संस्था को पूरे गुजरात में पहली बार इस तरह की निःशुल्क AI कार्यशाला आयोजित करने के लिए बधाई दी।

उन्होंने कहा कि मंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद यह उनका किसी कॉलेज का पहला दौरा था और यहां छात्रों से संवाद कर उन्हें यह महसूस हुआ कि ये विद्यार्थी वास्तव में भारत का भविष्य हैं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि आज के समय में AI हमारे दैनिक जीवन और भविष्य की दिशा तय करने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

समापन समारोह के दौरान राज्य मंत्री  त्रिकम चंगाजी, संप्रति फाउंडेशन के चेयरमैन नीरवभाई शाह,  डॉ. एस. एंड एस. एस. गांधी गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एस. आर. जोशी,तथा नवगुरुकुल की डायरेक्टर श्रीमती प्राचीबेन शाह के हाथों कार्यशाला में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट वितरित किए गए, वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहले तीन विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए इसे ज्ञानवर्धक और भविष्य के लिए उपयोगी बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्रोफेसर और आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन कल्पेश मेहता द्वारा किया गया।