सूरत : इंडस्ट्रीज़ की पज़ेशन रसीद वाली प्रॉपर्टीज़ को रेगुलराइज़ करने की मांग, चैंबर ने राज्य सरकार को सौंपा प्रस्ताव
गांधीनगर में फाइनेंस व अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर कनुभाई देसाई से मिला सदर्न गुजरात चैंबर का डेलीगेशन
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से सूरत सहित पूरे गुजरात में पज़ेशन रसीद के आधार पर संचालित इंडस्ट्रीज़ की ज़मीन और प्रॉपर्टीज़ को रेगुलराइज़ करने की मांग को लेकर राज्य सरकार को एक औपचारिक प्रस्ताव सौंपा गया है।
चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी के मार्गदर्शन में, ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितिश मोदी, ग्रुप चेयरमैन नितिन भरूचा और डिप्टी सेक्रेटरी पॉलिक देसाई सहित एक डेलीगेशन ने मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को गांधीनगर में गुजरात के फाइनेंस एवं अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर श्री कनुभाई देसाई से मुलाकात की।
डेलीगेशन ने मंत्री को बताया कि गुजरात, खासकर सूरत और साउथ गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में कई इंडस्ट्रियलिस्ट वर्षों से पज़ेशन रसीद के आधार पर इंडस्ट्रीज़ चला रहे हैं।
इन प्रॉपर्टीज़ पर बड़े पैमाने पर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कर फैक्ट्री, वर्कशॉप, गोदाम और अन्य इंडस्ट्रियल स्ट्रक्चर बनाए गए हैं, लेकिन प्रॉपर्टी के रेगुलर डॉक्यूमेंट न होने के कारण उद्योगपतियों को गंभीर कानूनी और प्रैक्टिकल दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चैंबर ने स्पष्ट किया कि पज़ेशन रसीद वाली प्रॉपर्टी रेगुलराइज़ न होने के चलते इंडस्ट्रियलिस्ट्स को बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स से लोन, वर्किंग कैपिटल और विस्तार के लिए फंडिंग हासिल करने में बाधाएं आती हैं। इसके अलावा ट्रांसफर, इनहेरिटेंस, री-डेवलपमेंट और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी कठिनाई होती है।
सूरत जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में टेक्सटाइल, डायमंड, इंजीनियरिंग, केमिकल और फ़ूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स राज्य की अर्थव्यवस्था, रोज़गार सृजन और एक्सपोर्ट में अहम भूमिका निभाते हैं।
चैंबर ने कहा कि यदि पज़ेशन रसीद वाली इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टीज़ को रेगुलराइज़ करने के लिए एक स्पष्ट पॉलिसी लाई जाती है, तो इससे उद्योगपतियों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
इसी को ध्यान में रखते हुए चैंबर ने मंत्री से आग्रह किया कि वन-टाइम पॉलिसी के तहत तय नियमों, शर्तों और फीस के आधार पर इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टीज़ को रेगुलराइज़ करने की व्यवस्था लागू की जाए।
गुजरात के फाइनेंस और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर कनुभाई देसाई ने चैंबर के प्रेजेंटेशन को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर विचार कर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इंडस्ट्रियलिस्ट्स की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए नई स्कीम लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
