सूरत : साल 2025 में 181 अभयम महिला हेल्पलाइन बनी पीड़ित महिलाओं का मजबूत सहारा
सूरत ज़िले में 15 हजार से अधिक कॉल, हजारों मामलों में काउंसलिंग, रेस्क्यू और समाधान
गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह विभाग तथा ई.एम.आर.आई. ग्रीन हेल्थ सर्विसेज़ के संयुक्त प्रयास से संचालित 181 अभयम महिला हेल्पलाइन वर्ष 2025 के दौरान पीड़ित महिलाओं के लिए एक सशक्त सुरक्षा कवच बनकर उभरी। शारीरिक, मानसिक और यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, वैवाहिक विवाद, छेड़छाड़ और अवांछित कॉल-मैसेज जैसे मामलों में इस हेल्पलाइन ने सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्रभावी काउंसलिंग, मार्गदर्शन और बचाव कार्य किया।
जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक राज्यभर से 181 अभयम महिला हेल्पलाइन पर कुल 1,83,520 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें से 37,780 अत्यंत संवेदनशील मामलों में अभयम टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू, गाइडेंस और सुरक्षा प्रदान की। शेष मामलों में काउंसलिंग, संबंधित सरकारी एजेंसियों से समन्वय, शेल्टर, आवश्यक सहायता और आपसी सेटलमेंट के माध्यम से समाधान किया गया।
सूरत ज़िले में वर्ष 2025 के दौरान जरूरतमंद महिलाओं की ओर से कुल 15,009 कॉल दर्ज की गईं, जिनमें से 2,735 मामलों में अभयम रेस्क्यू वैन भेजी गई। इनमें 1,838 मामलों का मौके पर या काउंसलिंग के माध्यम से समाधान किया गया, जबकि 734 मामलों में महिलाओं को रेस्क्यू एवं आगे की कार्रवाई के लिए विभिन्न एजेंसियों को रेफर किया गया।
कुल कॉल्स में 7,262 घरेलू हिंसा से संबंधित, 1,146 वैवाहिक विवाद, 2,125 शारीरिक, मानसिक एवं यौन उत्पीड़न, 382 अवांछित कॉल व संदेशों से उत्पीड़न, 373 पारिवारिक अलगाव, 219 कानूनी मार्गदर्शन, 353 सामान्य जानकारी व महिला-उन्मुख सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा 2,363 अन्य महिला-सम्बंधित मुद्दों से जुड़े मामले शामिल रहे।
वर्ष भर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला आश्रय गृह, वन-स्टॉप सेंटर (ओएससी), पीबीएससी, अन्य आश्रय गृहों तथा स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ। अभयम टीम ने महिलाओं, लड़कियों और छात्राओं को सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर न केवल महिला सुरक्षा को सशक्त किया, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक शांति बनाए रखने में भी सराहनीय भूमिका निभाई।
