सूरत : पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में 8 तालुका के किसानों का प्रदर्शन

कलेक्टर कार्यालय पर धरना, हर बिजली पोल के लिए 2 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

सूरत : पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में 8 तालुका के किसानों का प्रदर्शन

सूरत जिले में पावर ग्रिड ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के कार्य को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को जिले के विभिन्न तालुका से बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए और कलेक्टर कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पावर ग्रिड लाइन का कार्य तत्काल रोकने तथा उचित मुआवजा देने की मांग की।

इस आंदोलन में दक्षिण गुजरात के आठ प्रमुख तालुका—ओलपाड, कामरेज, चोर्यासी, मांगरोल, बारडोली, पलसाना, महुवा और मांडवी—के किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

किसानों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन उनकी उपजाऊ व कीमती जमीन से होकर 765 केवी की उच्च क्षमता वाली हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन बिछा रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें न्यायोचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। जिन किसानों की जमीन इस परियोजना में प्रभावित हुई है, वे अपने भविष्य को लेकर गंभीर चिंता में हैं।

मुआवजे को लेकर किसानों ने सरकार के समक्ष स्पष्ट और कड़ी शर्तें रखी हैं। किसानों की मांग है कि यदि सरकार को उनकी जमीन का उपयोग करना है, तो नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत जंत्री मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए। वैकल्पिक रूप से, जमीन के उपयोग के बदले नियमित किराया दिया जाए या प्रत्येक बिजली के खंभे के लिए 2 करोड़ रुपये का मुआवजा निर्धारित किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक किसी भी परिस्थिति में पावर ग्रिड लाइन बिछाने का कार्य आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

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