सूरत : संस्कारों की आसक्ति बंधन और भक्ति की आसक्ति से मुक्ति की प्राप्ति होती है : बाल संत भोलेबाबाजी 

गोडादरा में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में ध्रुव चरित्र की भावपूर्ण प्रस्तुति, सच्ची भक्ति, गौसेवा और मातृ महिमा का दिया प्रेरक संदेश

सूरत : संस्कारों की आसक्ति बंधन और भक्ति की आसक्ति से मुक्ति की प्राप्ति होती है : बाल संत भोलेबाबाजी 

सूरत शहर के गोडादरा क्षेत्र में श्रीकृष्णा ड्रीम्स एवं स्टलर के पास, एसएमसी गार्डन के निकट गौसेवार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में ध्रुव चरित्र की मार्मिक कथा सुनाई गई। कथावाचक बाल संत भोलेबाबाजी द्वारा प्रस्तुत इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पांडाल भक्तिरस से सराबोर हो गया।

कथा के दौरान बाल संत भोलेबाबाजी ने बताया कि राजा उत्तानपाद के पुत्र बालक ध्रुव ने मातृ अपमान से व्यथित होकर मात्र पांच वर्ष की आयु में वन जाकर भगवान विष्णु की कठोर तपस्या की थी। बालक ध्रुव की अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें अमर धाम ‘ध्रुवलोक’ प्रदान किया, जो आज भी आकाश में ध्रुव तारे के रूप में स्थिर और अटल है।

ध्रुव चरित्र के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति, दृढ़ विश्वास और निरंतर साधना से ईश्वर शीघ्र प्रसन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि भक्त का संकल्प अडिग हो तो भगवान स्वयं उसके बंधन में बंध जाते हैं।

कथावाचक ने गौसेवा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “गौमाता बचेगी तो देश और धर्म बचेगा।” उन्होंने गौभक्तों से गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए तहसील स्तर पर प्रधानमंत्री के नाम संदेश भेजने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि राम नाम की पूंजी ही मनुष्य के साथ जाती है और यह पूंजी केवल मानव जन्म में ही अर्जित की जा सकती है। संस्कारों की आसक्ति बंधन का कारण बनती है, जबकि भक्ति की आसक्ति से मुक्ति की प्राप्ति होती है।

मातृ महिमा का वर्णन करते हुए बाल संत भोलेबाबाजी ने कहा कि संसार की हर वस्तु भुलाई जा सकती है, लेकिन मां को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसार में अधिकांश संबंध स्वार्थ से जुड़े होते हैं, जबकि मां का प्रेम अंतरआत्मा से होता है। कथा के अंत में उन्होंने सती अनुसूया की पतिव्रता की प्रेरक कथा भी सुनाई, जिसे श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक श्रवण किया।

विप्र पाउंडेशन गुजरात प्रदेश महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि सुबह प्रभात फेरी कथा पंडाल से प्रियंका मेट्रो सिटी, अंबिका हाइट, प्रमुख अरण्य 1, ट्विन स्टार, स्काईव्यू सोसायटी में निकाली गई। इस अवसर पर गौसेवक प्रकाशदासजी महाराज, मुख्य कथा के मनोरथी घनश्याम सेवग (शिवशक्ति परिवार), कथा के संयोजक विप्र फाउंडेशन गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तोलाराम सारस्वत, लालचंद सारस्वत, जगदीश सारस्वत, मुरालीलाल गुरावा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विप्र फाउंउेशन, बच्चन पारीक, जगदीश शर्मा, विप्र फाउंडेशन युवा मंत्री तुलसी पालीवाल, प्रदीप पारीक, जगदीश तावनिया, पवन तावनिया, चन्द्रकाश आसोपा, पुरुषोत्तम रिणवा, मांगीलाल सारस्वत, बनवारी पारीक, सुशील पारीक समेत जोन 15 सूरत के पदाधिकारी के साथ साथ हजारों की संख्या में गौ भक्त उपस्थित रहे।

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