सूरत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन, उद्योग और स्टार्ट-अप्स को मिला विशेषज्ञ मार्गदर्शन

चैंबर ऑफ कॉमर्स के मंच से AI के व्यावसायिक उपयोग, कानूनी पहलुओं और भविष्य की संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

सूरत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन, उद्योग और स्टार्ट-अप्स को मिला विशेषज्ञ मार्गदर्शन

सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा शनिवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। यह कॉन्क्लेव 10 जनवरी, 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक सरसाना स्थित उषाकांत हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उद्योगपतियों, स्टार्ट-अप्स, एंटरप्रेन्योर्स और प्रोफेशनल्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावसायिक उपयोग, कानूनी चुनौतियों और भविष्य के अवसरों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया।

कॉन्क्लेव में प्रमुख वक्ताओं के रूप में सिम्पस EXIM एवं कॉर्पोरेट एडवाइजरी के डायरेक्टर और लीड एडवाइजर  बसेश गाला, CED सूरत-वलसाड रीजनल ऑफिस के सीनियर ट्रेनिंग ऑफिसर  अवनीश हिरपारा, मिस्टर जी.आर. राघवेंद्र, डॉ. कार्मेल मैरी एस्थर और कॉलमस्प्राउट AI की को-फाउंडर एवं CEO सुश्री शिवानी शर्मा ने अपने विचार साझा किए।

चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट  निखिल मद्रासी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज केवल तकनीक नहीं, बल्कि बिजनेस, इंडस्ट्री और अर्थव्यवस्था में परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। AI कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य उद्योगपतियों और प्रोफेशनल्स को AI की वास्तविक उपयोगिता, कानूनी ढांचे और आने वाले अवसरों से अवगत कराना है।

CED के सीनियर ट्रेनिंग ऑफिसर  अवनीश हिरपारा ने CED द्वारा इंडस्ट्रियलिस्ट्स और युवा एंटरप्रेन्योर्स के लिए उपलब्ध ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स और सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से CED की सेवाओं का लाभ उठाकर स्वरोज़गार और प्रोफेशनल विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
 जी.आर. राघवेंद्र ने AI के बढ़ते उपयोग से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए डेटा प्राइवेसी, साइबर सिक्योरिटी, बौद्धिक संपदा अधिकार, कॉपीराइट और AI आधारित निर्णयों में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. कार्मेल मैरी एस्थर ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्ट-अप्स के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। AI के सही उपयोग से कम संसाधनों में अधिक दक्षता, बेहतर निर्णय क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा संभव है।

वहीं, कॉलमस्प्राउट AI की CEO सुश्री शिवानी शर्मा ने अपने प्लेटफॉर्म का लाइव डेमो प्रस्तुत किया और बताया कि यह प्लेटफॉर्म बिजनेस संगठनों के लिए डेटा एनालिसिस, कस्टमर इनसाइट्स और ऑटोमेशन को सरल और प्रभावी बनाता है।

कॉन्क्लेव में  बसेश गाला ने “100वें बिजनेस ब्रेकथ्रू – माइंडसेट एंड सिस्टम्स टू स्केल” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल तकनीक नहीं, बल्कि सही सोच और मजबूत सिस्टम विकसित करना जरूरी है। AI और स्मार्ट सिस्टम के माध्यम से बिजनेस एफिशिएंसी बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की जा सकती है।

कार्यक्रम में चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट  अशोक जीरावाला, तत्कालीन प्रेसिडेंट  विजय मेवावाला, कॉन्क्लेव चेयरमैन अतुल पटेल, ग्रुप चेयरमैन बशीर मंसूरी, ऑनरेरी ट्रेज़रर CA मितेश मोदी सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, एंटरप्रेन्योर्स और प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।

कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित सवाल-जवाब सत्र में प्रतिभागियों ने AI के बिजनेस उपयोग, कानूनी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने संतोषजनक उत्तर देकर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया।

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