सूरत : गोसेवार्थ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आज से, गुरुवार निकलेगी भव्य तुलसी शोभा यात्रा
तैयारियों को लेकर बुधवार को कथा स्थल पर आयोजित बैठक में समाज के सैकड़ों अग्रणि जुटे, गौसेवा और कथा को दिव्य बनाने का आह्वान
विप्र फाउंडेशन जोन-15 द्वारा गो सेवार्थ भव्य संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ का आयोजन गुरुवार 8 से 14 जनवरी 2026 तक श्री कृष्णा ड्रीम्स एवं स्टेलर के सामने, मणिभद्र कैम्पस के सामने, एसएमसी गार्डन के पास, गोडादरा सूरत में किया जाएगा। प्रतिदिन व्यासपीठ से पूज्य बाल संत भोलेबाबा जी महाराज सायं 7.30 से रात्रि 10.30 बजे तक अमृतमयी श्रीमद्भागत कथा का रसपान कराएंगे। गुरुवार 8 जनवरी को दोपहर 3 बजे श्री राधा कृष्णा मंदिर प्रांगण, मधुसूदन रो हाउस, गोडादरा से भव्य तुलसी शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जो विविध मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंचेगी।
श्रीमद् भागवत कथा की तैयारियों को लेकर बुधवार को कथा स्थल पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तोलाराम ने की। इस अवसर पर गोडादरा विस्तार की विभिन्न सोसायटियों के सैकड़ों सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य दिनेश शर्मा (दाढ़ी) ने गौ माता की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गौ माता हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और उनकी सेवा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सभी भक्तों से गौसेवा में सहयोग करने और श्रीमद् भागवत कथा को भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने का आह्वान किया।
तुलसी शोभा यात्रा के संयोजक मनीष पारीक ने शोभा यात्रा की तैयारियों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गोडादरा विस्तार की सभी सोसायटियों में कथा को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। महिला प्रकोष्ठ महामंत्री श्रीमती ज्योति राजपुरोहित एवं श्रीमती कांता पारीक मातृशक्ति से घर-घर संपर्क कर तुलसी शोभा यात्रा को भव्य बनाने में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
इस अवसर पर मुख्य यजमान घनश्याम सेवग ने बाल संत भोले बाबाजी महाराज एवं उनके द्वारा संचालित गौशालाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भोले बाबाजी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ और उन्होंने संत रामसुखदास जी के सानिध्य में ज्ञान प्राप्त किया। पिछले लगभग 20 वर्षों से महाराज जी रामकथा एवं भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन सायं 7.30 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि महाराज जी वर्ष 2005 में पहली बार राजस्थान आए और तब से गांव-गांव व शहर-शहर कथा के माध्यम से गौभक्ति और जनजागृति का संदेश दे रहे हैं। अब तक वे 700 से अधिक रामकथा और भागवत कथा कर चुके हैं तथा लगभग 70 गौशालाओं का शिलान्यास अपने करकमलों से कर चुके हैं।
वर्तमान में बाबाजी महाराज स्वयं तीन गौशालाओं का संचालन कर रहे हैं—एक बीकानेर जिले के देवारसर (646 आरडी), दूसरी सरदारशहर-हनुमानगढ़ मेजर हाईवे पर जैतासर गांव में और तीसरी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में। इन तीनों गौशालाओं में लगभग 2500 से 3000 गौमाताओं की सेवा की जा रही है। गौशालाओं में गौ चिकित्सालय की सुविधा, अनुभवी डॉक्टरों की टीम तथा बीमार एवं असहाय गायों के उपचार की समुचित व्यवस्था भी उपलब्ध है, जिसके लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता रहती है।
बैठक के अंत में बताया गया कि बाबाजी महाराज का एकमात्र लक्ष्य गौमाता की सेवा करना और उन्हें राष्ट्र माता का सम्मान दिलाना है। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से आज निकलने वाली तुलसी शोभा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
