सूरत में दिशा फाउंडेशन का PLC 4.0 शुरू, युवाओं में नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण का जोश

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने किया उद्घाटन, आत्मनिर्भर भारत और यूथ लीडरशिप पर दिया प्रेरक संदेश

सूरत में दिशा फाउंडेशन का PLC 4.0 शुरू, युवाओं में नेतृत्व और राष्ट्रनिर्माण का जोश

सूरत। आत्मनिर्भर भारत और सशक्त युवा नेतृत्व के लक्ष्य को लेकर दिशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित पब्लिक लीडरशिप कैंप (PLC) 4.0 का शुभारंभ आज मिलेनियम स्कूल, सूरत में उत्साह और राष्ट्रीय भावना के साथ हुआ।

कैंप के पहले दिन युवाओं में जोश, संस्कार और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत दिशा फाउंडेशन के क्लास सॉन्ग “संस्कार की ये साधना” के साथ हुई, जिसने संस्था के मूल सिद्धांतों और उद्देश्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

“भारत सोने की चिड़िया” थीम पर आधारित यह कैंप भारत की प्राचीन गौरवशाली परंपराओं—जैसे वेद, व्यापार, वास्तुकला, टेक्सटाइल, आयुर्वेद और मसाला उद्योग—को आधुनिक आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जोड़ता है। पूरे कैंप को युवाओं के सर्वांगीण विकास और राष्ट्रनिर्माण की सोच के साथ सुव्यवस्थित रूप से डिज़ाइन किया गया है।

कैंप का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री  सुरेश प्रभु ने वर्चुअल माध्यम से किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि जैसे हम अपनी माता की रक्षा करते हैं, वैसे ही मातृभूमि की सेवा और रक्षा के लिए भी समर्पित रहना चाहिए।

देश सेवा केवल यूनिफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक योगदान देकर भी समाज को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और अंतःप्रेरणा के अनुसार आगे बढ़ने, प्रैक्टिकल गतिविधियों में सक्रिय रहने और अपने जुनून को जीवन का मार्ग बनाने की सलाह दी।

उद्घाटन सत्र में राज्यसभा सांसद एवं उद्योगपति गोविंदजी ढोलकिया, एथर इंडस्ट्रीज़ के फाउंडर अश्विन देसाई, सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी, मिलेनियम स्कूल के फाउंडर अमित गज्जर, दिशा फाउंडेशन के फाउंडर दिनेश पटेल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

गोविंदजी ढोलकिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल अमीर बनना नहीं, बल्कि मूल्यवान बनना होना चाहिए। उन्होंने संस्कृति, मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर अन्विनी देसाई ने युवाओं की असीम क्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन हमेशा आगे बढ़ने के लिए होता है और संतोष में रुक जाना प्रगति को रोक देता है।

PLC 4.0 के कन्वीनर नीरव मंडलेवाला ने बताया कि देशभर से 15,000 से अधिक युवाओं से संपर्क के बाद 100 युवाओं का चयन किया गया है, जिन्हें दिशा फाउंडेशन द्वारा विशेष प्रशिक्षण देकर राष्ट्रसेवा के लिए तैयार किया जा रहा है।

राष्ट्र निर्माण, आत्मनिर्भर भारत और युवा नेतृत्व के संकल्प के साथ शुरू हुआ PLC 4.0 का पहला दिन विचार, संस्कृति और प्रेरणा का एक सशक्त मंच साबित हुआ।

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