सूरत : शहर में ‘जीरो स्लम’ मिशन को मिली रफ्तार, 50 हजार नए मकानों की तैयारी पूरी
PMAY और AHP के तहत 20 हजार + 30 हजार आवासों के डीपीआर तैयार, स्लम सुधार समिति की बैठक में तेज होगी मंजूरी व निर्माण प्रक्रिया
सूरत। शहर को ‘जीरो स्लम’ बनाने के लक्ष्य की दिशा में सूरत महानगरपालिका (SMC) ने बड़ा कदम बढ़ाया है। स्लम सुधार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी ज़ोन के असिस्टेंट कमिश्नरों ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी आवास योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
स्लम इम्प्रूवमेंट कमेटी के चेयरमैन विजय चौमाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)–BLC के तहत 20 हजार आवास और अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट (AHP) के तहत 30 हजार आवासों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कर लिया गया है। कुल 50 हजार मकानों की यह योजना सूरत के स्लम निवासियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इन डीपीआरों को मंजूरी दिलाने और निर्माण कार्य जल्दी शुरू करने के लिए प्रक्रियाओं में तेजी लाई जा रही है, ताकि ‘जीरो स्लम सूरत’ का लक्ष्य निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके।
यह व्यापक आवास योजना स्लम क्षेत्रों के पुनर्विकास, मूलभूत सुविधाओं में सुधार और बेघर परिवारों के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में शहर को एक नया आयाम देगी।
विजय चौमाल ने बताया कि यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल के विशेष मार्गदर्शन से संभव हो पाया है।
सी.आर. पाटिल खुद इन प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हाल ही में आंजना टेनामेंट के 416 घरों के लोकार्पण के दौरान भी उन्होंने स्लम मुक्त सूरत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
अधिकारियों का मानना है कि आने वाले महीनों में मंजूरी और निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ेगा और सूरत जल्द ही स्लम मुक्त शहर बनने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाएगा।
