सूरत : गुजरात में ब्रह्माकुमारीज़ की हजारों शांति यात्राएँ संपन्न, ‘डायमंड जुबिली वर्ष’ पर शांति का संदेश गूंजा
‘बिलियन मिनट्स ऑफ पीस अपील’ अभियान के तहत 500 से अधिक सेवाकेंद्रों ने दिए विश्वशांति के मंत्र; सूरत वराछा से दो शांतियात्राओं का विशेष आयोजन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय गुजरात ज़ोन द्वारा ईश्वरीय सेवाओं के 60 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष 2025 को “डायमंड जुबिली वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसी श्रृंखला में बिलियन मिनट्स ऑफ पीस अपील प्रोजेक्ट के अंतर्गत 23 नवंबर 2025 को पूरे गुजरात में हजारों शांतियात्राओं का भव्य आयोजन किया गया। राज्यभर के 500 से अधिक सेवाकेंद्रों ने एक ही दिवस पर शांति-मय समाज निर्माण का संदेश दिया।
इसी कड़ी में ब्रह्माकुमारीज़ के सूरत वराछा सेवाकेंद्र द्वारा दो शांतियात्राओं का शुभारंभ कापोद्रा मल्टी परपज़ हॉल के पास से किया गया। वराछा सेवाकेंद्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी तृप्तिबेन और सूरत जिला होमगार्ड्स के कमांडेंट भ्राता प्रफुलभाई शिरोया ने शांतिदूतों को शांति-स्लोगन अर्पित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इसके बाद ब्रह्माकुमारी तृप्तिबेन, कमांडेंट प्रफुलभाई शिरोया, अधिकारी भ्राता राजेशभाई दुधात, भ्राता चतुरभाई गेडया, भ्राता सुरेशभाई वाला, जे. बी. प्रजापति, भ्राता एल. एच. राठौड़ और भ्राता सी. जे. वस्तारपरा सहित विशिष्ट अतिथियों ने परमात्मा के पवित्र ध्वज द्वारा ग्रीन सिग्नल देकर शांतियात्रा को रवाना किया।
शांतियात्रा में शामिल श्वेत-वस्त्रधारी राजयोगी भाई-बहनों ने मौन-मंत्र के साथ शांतिदूत बनकर शांति के दिव्य स्पंदन फैलाए। “शांति आत्मा का स्वधर्म है, शांति हमारी श्रेष्ठ संस्कृति है” इस संदेश के साथ यात्रा आगे बढ़ी।
आयोजकों के अनुसार, इस शांतियात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक मानव-बंधु को शांति की ओर प्रेरित करना है, ताकि व्यक्ति स्वयं शांति-चित्त बनकर अपने जीवन, परिवार और समाज में शांति का वातावरण स्थापित करने का प्रयास करे और विश्वशांति का निमित्त बन सके।
