वडोदरा : “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत” के संकल्प के साथ वडोदरा में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
वडोदरा पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और फेथ फाउंडेशन की संयुक्त पहल, युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
एनसीओआरडी (नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए राष्ट्रीय समन्वय केंद्र), ऑपरेशन क्रैकडाउन, वडोदरा और “प्रयास परियोजना” के अंतर्गत “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत” विषय पर एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वडोदरा पुलिस आयुक्तालय, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और फेथ फाउंडेशन की संयुक्त पहल से सिग्नस स्कूल, वडोदरा में संपन्न हुआ।
भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के तहत चल रही “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” पहल के अनुरूप, इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को व्यसनमुक्त जीवन की दिशा में प्रेरित करना और समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था।
फेथ फाउंडेशन की निदेशक सुश्री सुसान सैमसन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा “समाज के समग्र विकास के लिए युवाओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता लाना अत्यंत आवश्यक है। विद्यालय और शिक्षक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।” कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने अपने प्रेरक विचार साझा करते हुए “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग से एएसआई आसिफ कादरी (एसओजी) और हेड कांस्टेबल जितेंद्र आनंद, शिक्षा विभाग से एम. आर. पांडे (जिला शिक्षा अधिकारी, वडोदरा), आर. डी. डाभी (शिक्षक निरीक्षक), डॉ. कल्पेश राठौड़ (डीईओ), स्वास्थ्य विभाग से नरेंद्रभाई (सामाजिक कार्यकर्ता, एनटीसीपी कार्यक्रम) और रंजनबेन (काउंसलर) उपस्थित रहे। साथ ही फेथ फाउंडेशन की निदेशक सुसान सैमसन तथा वडोदरा के 25 विद्यालयों के प्रधानाचार्य विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
एमएस यूनिवर्सिटी के लगभग 40 एलएलबी छात्रों ने एक सशक्त फ्लैश मॉब के माध्यम से युवाओं को सभी प्रकार के व्यसनों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। फेथ फाउंडेशन के नारे- “तम्बाकू, शराब और ड्रग्स — मेरा स्वाद नहीं, मेरी पसंद नहीं, मेरी शैली नहीं”, के साथ विद्यार्थियों ने व्यसन मुक्ति का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 400 छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी सामूहिक रूप से नशामुक्त भारत के निर्माण का प्रण लिया।
