सूरत के स्कूलों में अब छात्रों के बैग की होगी औचक जाँच
अहमदाबाद की घटना के बाद सूरत के स्कूलों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अनुशासन समिति अनिवार्य
सूरत।अहमदाबाद के एक स्कूल में हुई दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए, सूरत के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. भागीरथसिंह परमार ने जिले के सभी सरकारी, अनुदानित और निजी स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूलों में एक भयमुक्त वातावरण स्थापित करना है। जिसके लिए प्रमुख दिशा-निर्देश इस प्रकार है।
विद्यालय सुरक्षा नीति-2016 के अनुसार, अब हर स्कूल में एक 'अनुशासन समिति' का गठन करना अनिवार्य है। इस समिति में प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रों के मॉनिटर शामिल होंगे, जो परिसर की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखेंगे।
छात्रों के स्कूल बैग और उनके वाहनों की औचक जाँच की जाएगी। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के सामान की नियमित जाँच करें ताकि कोई भी खतरनाक वस्तु स्कूल तक न पहुँच पाए।
किसी भी कक्षा में शिक्षक के अनुपस्थित होने पर छात्रों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखा जाएगा ताकि वे किसी भी तरह की असामान्य हरकत में शामिल न हों।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी छात्र के पास से कोई धारदार हथियार या अन्य प्रतिबंधित वस्तु मिलती है, तो उसके माता-पिता को बुलाकर उनकी मौजूदगी में काउंसलिंग की जाएगी। यदि काउंसलिंग के बाद भी छात्र के व्यवहार में सुधार नहीं होता है, तो स्कूल से निलंबन या बर्खास्तगी जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
डॉ. भागीरथ सिंह ने जोर देकर कहा कि छात्रों को पूरी तरह से सुरक्षित माहौल देना प्रधानाचार्य और शिक्षकों का नैतिक कर्तव्य है। किसी भी असामान्य घटना की जानकारी तुरंत शिक्षा विभाग को देना अनिवार्य है।
