वडोदरा जिले की 32 ग्राम पंचायतें घोषित हुईं समरस
गांवों ने दिखाया एकता और भाईचारे का उदाहरण, सबसे अधिक समरस पंचायतें करजण तालुका में
वडोदरा जिले ने एक बार फिर ग्रामीण एकता और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले की कुल 32 ग्राम पंचायतों को ‘समरस’ घोषित किया गया है, जो ग्रामवासियों के बीच आपसी समझ, सहयोग और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है।
इन समरस पंचायतों में सबसे अधिक ग्राम पंचायतें करजण तालुका से हैं, जहां 15 गांवों को समरस घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त शिनोर तालुका के चार गांव, पादरा, डभोई और सावली तालुका के तीन-तीन गांव, वाघोडिया तालुका के दो गांव तथा वडोदरा ग्रामीण और देसर तालुका के एक-एक गांव को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
करजण तालुका के धावत, अटाली, हंडोद, लिलोद, कोठिया, कुराई, बोडका, वेमारडी, कंबोला, करण, रारोद, सामरा, शारुपुरटिंबी, सगडोल और उड़द समरस गांव हैं। शिनोर तालुका के मालपुर, दामापुरा, सांधा और पुनियाद समरस गांव है। पादरा तालुका में ताजपुरा, ब्राह्मणवशी और नेहरा समरस गांव तथा डभोई तालुका में आसोदरा, अमरेश्वर और कुकड समरस गांव हैं। इसके साथ ही सावली तालुका में डूंगरपुरा-मई, खोखर और मुंडेला तथा वाघोडिया तालुका में अमोदर और खेरवाड़ी समरस गांव है। वडोदरा ग्रामीण क्षेत्र का पोर गांव और डेसर तालुका का वाचेसर गांव भी समरस घोषित हुए हैं।
