जब आकाश में दिखा भगवान का हाथ, जानें सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर का राज

(Photo Credit : instagram.com)

नासा चंद्र एक्स-रे ओबजर्वेटरी के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की गई तस्वीर

अमेरिकन स्पेस एजंसी ने कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई मशहूर तस्वीर 'हेंड ऑफ गोड' यानि की 'भगवान के हाथ' के बारे में कुछ खास जानकारी साझा की है। इस तस्वीर को कई तरह के कैमरों का इस्तेमाल कर के लिया गया है। इनमें से कई तस्वीर में यह हाथ पीला तो कई में हाथ हरे कलर का दिखाई दे रहा है। ऐसे में आज हम आपको इस तस्वीर के बारे में बताने जा रहे है। 
हाथ की गति, आकार और रंग-स्वरूप का अभ्यास करने वाले वैज्ञानिकों साल 2004 से इस बारे में संशोधन करना शुरू किया था। इसके बाद साल 2008, 2017 और 2018 में भी इस बारे में संशोधन किया गया। लगातार इसकी विभिन्न तसवीरों को जोड़ा गया। जिसमें देखा जा सकता है की पंजे के आकार में फैले इस बादल की घनता में लगातार कमी हो रही है। 
नासा चंद्र एक्स-रे ओबजर्वेटरी के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की गई यह तस्वीर अब तक लाखों यूजर्स द्वारा देखी जा चुकी है। तसवीरों को देखने पर ऐसा लगता है की मानो किसी तारे के फटने से इस तरह का आकार बना हुआ है। पोस्ट के कैप्शन में लिखा है की यह पंजे जैसी आकृति नेब्यूला की ऊर्जा से बनी है। जो की एक प्लसर के छूटने से निकलती है। जो पल्सर तारा यहा टूटा उसका नाम PSR B1509-58 है और इस बादल की चौड़ाई तकरीबन 19 किलोमीटर है। 
नासा के वैज्ञानिकों का मानना है की एक सुपरनोवा विस्फोट है। जिसका प्रकाश 1700 साल पहले पृथ्वी पर पहुंचा था। उस समय माया सभ्यता धरती पर थी। इस तरह के बादल काफी अधिक चुंबकीय शक्ति वाले होते है। हालांकि वह धीरे धीरे खतम होते है। इस भगवान के पंजे में तीन उंगली और एक अंगूठा दिखाई दे रहा है। 

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