बिटकॉइन में करना चाहते है निवेश, उससे पहले ये खबर पढ़ लें

PC : Khabarchee.com

राकेश झुनझुनवाला ने की क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध की मांग, एलोन मस्क ने भी बताया ओवररेटेड

भारत में बिटकॉइन के निवेशक चिंतित हैं। देश के प्रमुख निवेशकों में से एक राकेश झुनझुनवाला ने क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। दूसरी ओर, बिटकॉइन की कीमत में भी तेजी से कमी आई है। झुनझुनवाला ने मंगलवार को क्रिप्टोकरंसी की कमियों की ओर इशारा किया। उन्होंने नियामकों से क्रिप्टोकरंसीज पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। एक बिजनेस न्यूज चैनल के साथ एक साक्षात्कार में, झुनझुनवाला ने कहा, "इसमें बहुत अधिक सट्टेबाजी शामिल है और मैं कभी बिटकॉइन नहीं खरीदूंगा," उन्होंने कहा।
आपको बता दें कि मंगलवार को बिटकॉइन 58,332 युएस डॉलर के अपने उच्च कीमत से 17 प्रतिशत गिर गया। टेस्ला के मालिक एलन मस्क और अमेरिकी ट्रेजरी के सचिव जेनेट यिसन के बयानों के बाद बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट आई है। तकनीकी रूप से बाजार की भाषा में कहे तो जब किसी संपत्ति में 20 प्रतिशत की गिरावट होती है तो मंदी का माहौल माना जाता है।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने भी माना इसे अयोग्य
इसके अलावा अमेरिकी वित्त मंत्री येलेन ने भी सोमवार को क्रिप्टोकरंसी की कमियों की ओर इशारा किया और कहा कि क्रिप्टोकरंसी लेन-देन के लिए उपयुक्त नहीं होने का कारण यह है कि क्रिप्टोकरंसी बनाने में बहुत अधिक ऊर्जा लगती है। पिछले हफ्ते, टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने भी ट्वीट किया कि बिटकॉइन की कीमतें सीमा से अधिक बढ़ गई हैं। भारत में भी सरकार ने कहा कि वह एक बिल तैयार कर रही है जो सभी निजी क्रिप्टोकरंसी पर प्रतिबंध लगाएगा।
कुछ लोग करते है इसका समर्थन
हालाँकि देश में एक वर्ग ऐसा भी है जो बिटकॉइन का समर्थन कर रहा है। प्रसिद्ध पोर्टफोलियो निवेशक वसंत माहेश्वरी ने कहा कि आने वाले दशकों में बिटकॉइन द्वारा सोने की जगह लेने की संभावना है। उन्होंने पिछले हफ्ते ट्वीट किया कि भारतीय केवल ट्वीट कर सकते हैं जबकि अन्य बिटकॉइन की तेजी में हिस्सा ले सकते हैं। कैपिटल माइंड के दीपक शेनॉय ने कहा कि क्रिप्टोकरंसी का नियमन आवश्यक था, लेकिन इसे प्रतिबंधित करना उचित नहीं था। हालांकि, एक के बाद एक क्रिप्टोकरंसी से जुड़े ऐसी खबरों ने बिटकॉइन निवेशकों को चिंतित कर रखा है।

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