सब्सक्रिप्शन के लिए राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ लॉन्च, 16 मार्च को हो सकती है लिस्टिंग

सब्सक्रिप्शन के लिए राजपूताना स्टेनलेस का आईपीओ लॉन्च, 16 मार्च को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली, 09 मार्च (वेब वार्ता)। स्टील सेक्टर में काम करने वाली कंपनी राजपूताना स्टेनलेस लिमिटेड का 254.98 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया।

इस आईपीओ में 11 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 12 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 13 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 16 मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 116 रुपये से लेकर 122 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 110 शेयर का है। राजपूताना स्टेनलेस लिमिटेड के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 110 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 13,420 रुपये का निवेश करना होगा।

इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,87,880 रुपये के निवेश से अधिकतम 14 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2.09 करोड़ शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 179 करोड़ रुपये के 1,46,50,000 नए शेयर और 75.98 करोड़ रुपये के 62,50,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है।

इस इश्यू के लिए निर्भय कैपिलट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है।

वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 24.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 31.63 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 39.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 24.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 950.69 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 915.50 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 937.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 502.77 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 79.83 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 79.76 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 99.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 85.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 46.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 78.36 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024- 25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 83.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 108.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 43.85 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 59.41 करोड़ रुपये हो गया।

इसके बाद 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 73.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 45.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था।