सेंसेक्स और निफ्टी में दिखा एक साल से भी ज्यादा का दबाव
- कमजोर ग्लोबल संकेतों, गिरते रुपये और एफआईआई की लगातार बिकवाली ने बाजार में दबाव बढ़ाया
मुंबई, 07 मार्च (वेब वार्ता)। इस हफ्ते 6 मार्च को समाप्त भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण समय रहा। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में लगातार गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई।
कमजोर ग्लोबल संकेतों, गिरते रुपये और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली ने बाजार में दबाव बढ़ाया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भी निवेशकों की चिंता को बढ़ाया। परिणामस्वरूप हफ्ते के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए।
बीते सप्ताह होली के अवसर पर शेयर बाजार 3 मार्च को बंद रहा, जिसकी वजह से घरेलू शेयर बाजार में एक दिन कम कारोबार हुआ। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को ही बाजार लाल निशान में शुरू हुआ।
शुरुआती सत्र में भारी बिकवाली से सेंसेक्स 1,048.34 अंक गिरकर 80,238.85 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 312.95 अंक की गिरावट के साथ 24,865.70 पर बंद हुआ।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत निवेशकों की सतर्कता को बढ़ाने वाले मुख्य कारण रहे। बुधवार को भी स्थिति अनुकूल नहीं रही। सेंसेक्स 1,122.66 अंक गिरकर 79,116.19 पर और निफ्टी 385.20 अंक गिरकर 24,480.50 पर बंद हुआ।
हालांकि गुरुवार को वैश्विक बाजारों में उछाल और एक दिन की राहत के कारण बाजार हरे निशान में कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स 899.71 अंक बढ़कर 80,015.90 पर और निफ्टी 285.40 अंक की तेजी के साथ 24,765.90 पर बंद हुआ।
शुक्रवार को फिर से बाजार दबाव में आया। अमेरिकी बाजारों की कमजोरी और एफआईआई की बिकवाली ने सेंसेक्स 1,097 अंक गिराकर 78,918.90 पर और निफ्टी 315.45 अंक गिराकर 24,450.45 पर बंद कराया।
इस तरह सप्ताह के अंत तक निवेशकों में सतर्कता और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति साफ तौर पर दिखाई दी।
