वड़ोदरा दुष्कर्म-खुदकुशी मामला : पुलिस को पहली काबयामी, पीड़िता की साइकल और सिक्योरिटी गार्ड पकड़ाया

(Photo Credit : divyabhaskar.co.in)

गुजरात क्वीन ट्रेन में मिले युवती के शव वाले मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे

महीने के पहले ही दिन गुजरात क्वीन ट्रेन में मिले युवती के शव वाले मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे है। अब इस मामले में रेलवे एलसीबी की टीम 25 दिन बाद पीड़िता की लापता साइकिल को खोजने में सफल रही। टीम ने ओपी रोड पर मल्हार प्वाइंट के पास सोसायटी में रहने वाले एक सुरक्षा गार्ड को एक साइकिल के साथ पकड़ लिया और जांच करने पर पता चला कि यह पीड़िता की साइकिल है। टीम ने देर रात से ही उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है।
आपको बता दें कि एलसीबी की टीम ने गुप्त सूचना पर मल्हार प्वाइंट से सड़क के बायीं ओर गेल के कार्यालय के बगल में सोसायटी के बंद बंगले में असोपलव के पेड़ के नीचे कूड़े के ढेर में छिपी पीड़िता की साइकिल खोज निकाली। पुलिस ने अटलांटिक बिल्डिंग में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करने वाले महेश राठवा को गिरफ्तार किया। महेश पने परिवार के साथ बंगले के पास एक घर में रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में महेश ने कहा कि उसे वैक्सीन ग्राउंड के पास साइकिल मिली थी और फिर उसे बंद बंगले में असोपलव के पेड़ के नीचे कूड़े के ढेर के नीचे छिपा दिया और टायर हटा दिए, जिससे पुलिस को घटनास्थल की वीडियोग्राफी करनी पड़ी। साइकिल की जांच के बाद यह वही निकला जैसा पीड़िता की बहन ने बताया था, इसलिए पुलिस को घटना के 25 दिन बाद पीड़िता की साइकिल खोजने में पहली सफलता मिली। पुलिस ने मामले की गहन जांच की, जिसमें यह भी शामिल था कि क्या उसने पीड़ित को देखा था और क्या वह घटना में शामिल था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर पीड़िता जिंदा होती तो मामले की गुत्थी सुलझ जाती।
गौरतलब है कि वडोदरा सिटी पुलिस ने पीड़िता के घर के पास बने मोबाइल टावर से डाटा लिया, 1.5 लाख से ज्यादा फोन नंबर चेक किए और 250 संदिग्ध नंबरों को खंघला। तकनीकी डेटा सत्यापन अभी भी प्रगति पर है। चूंकि संगठन के कर्मचारी मोबाइल एप के माध्यम से रिक्शा मंगवा रहे थे, वहीं 500 से अधिक रिक्शा चालकों को उनकी कंपनी के रिक्शा का डाटा और सवारी का डाटा प्राप्त कर वेरिफाई किया गया।

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