टोक्यो ओलिंपिक 2020 : प्रतियोगिता से बाहर होने के बाद दीपिका ने उठाया संघ के फैसले पर सवाल

अतनु के साथ जोड़ी तोड़ने को लेकर किया सवाल, साथ में होते तो लेकर आते पदक

टोक्यो ओलंपिक की तीरंदाजी स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतियोगिता अब समाप्त हो गई है। अतनु दास शनिवार को पुरुष एकल प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान के ताकाहारू फुरुकावा से 4-6 से हार गए। इससे पहले शुक्रवार को विश्व की नंबर एक दीपिका कुमारी को भी क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की सुनउन से हार मिली थी। डबल्स में दीपिका और प्रवीण जाधव को 24 जुलाई को हार का सामना करना पड़ा था।
आपको बता दें कि दीपिका कुमारी और अतनु दास की जोड़ी टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत से पहले मिश्रित युगल में पसंदीदा जोड़ी थी। लेकिन अतनु दास और दीपिका की जोड़ी नहीं बनी क्योंकि इवेंट के रैंकिंग दौर में उनका स्कोर प्रवीण जाधव से कम था। इस ओलंपिक स्पर्धा में जाधव 31वें और 35वें स्थान पर थे। भारतीय तीरंदाजी प्रबंधन टीम ने रैंकिंग के आधार पर आगे बढ़ने का फैसला किया। प्रबंधन ने पेरिस विश्व कप के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज किया और प्रवीण जाधव और दीपिका की जोड़ी बनाई, जिसके परिणामस्वरूप कोरिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनकी हार हुई।
अब दीपिका कुमारी ने भारतीय तीरंदाजी संघ के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा, "अगर आपने और अतनु ने ओलंपिक में हिस्सा लिया होता तो हम पदक जीत लेते। अतनु के साथ मेरी बॉन्डिंग और तालमेल सबसे अच्छा है।” दूसरी ओर अतनु ने भी प्रबंधन के फैसले को चुनौती दी। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद थी कि दीपिका के साथ खेलकर मैं देश के लिए मेडल जीत कर वापस आ जाता, लेकिन मैं अब भी इस बात को लेकर असमंजस में हूं कि हमारी जोड़ी क्यों टूटी। मुझे नहीं पता ऐसा क्यों किया गया।
दीपिका और अतनु ने पिछले साल जून में शादी की थी। एक ही ओलंपिक में भाग लेने वाले पहले भारतीय जोड़े थे। मिक्स्ड डबल्स में भी दीपिका अपने पति को चीयर करने पहुंचीं। जब अतनु का मैच जिन हायेक और ताकाहारु फुरुकावा के खिलाफ था तो दीपिका ने अपने पति का उत्साह बढ़ाया।

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