सूरत : मेहनत के 30 हजार रुपये नहीं मिलने पर युवक ने आत्महत्या की

मृतक की फाइल तस्वीर

बेटे का लटका हुआ शरीर देखकर उसकी माँ का दिल काँप गया

पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी को किया गिरफ्तार
मेरी मौत का कारण  काशीनाथ है, मेरे काम के 30 हजार लेने हैं, मांगता हूं, हाथ-पैर जोड़ता हूं, लेकिन देता नहीं, तुम्हसे जो बन सके कर लो, ऐसा जवाब देते हुए कहता है, नहीं दूं तो क्या कर लोगे। सर एक साल पहले मेरे घर का बिजली का मीटर कट गया था। हम बूढ़ी माँ के साथ अँधेरे में दिन बिताते हैं। मैं बस थक चुका हूँ इसलिए आत्महत्या कर लेता हूँ।' अमरोली पुलिस ने ऐसा सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या करने वाले एक साड़ी कटिंग वाले कारीगर के सुसाइड मामले में उकसाने का मामला दर्ज किया है। 11 तारीख को अपने ही घर की रसोई में महेंद्र थोराट नाम के युवक द्वारा खुदकुशी करने के बाद सुसाइड नोट मिलने से पुलिस भी चौंक उठी।  
मृतक के चचेरे भाई शैलेश थोराट  ने बताया कि महेंद्र मोतीलाल थोराट उम्र-39 (धरती नगर, अमरोली कोसाड आवास में रहते हैं) महेंद्र साड़ी कटिंग का काम करता था और अपनी बूढ़ी मां के साथ गुजारा करता था। बेटे की आत्महत्या के बाद बुजुर्ग मां बेबस हो गई है। 5 बच्चों में से दो लड़के और दो लड़कियों की पहले ही मौत हो चुकी थी। 65 वर्षीय मां का एक सहारा महेंद्र ही थी।  हालांकि, उसकी लटकी हुई लाश को देखकर मां की कलेजा कांप गई।  बेटे की आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है।  पुलिस ने घटना की जांच शुरू की और कई चौंकाने वाले सुसाइड नोट बरामद किए।
महेंद्र का सुसाइड नोट "मेरी मौत का कारण काशीनाथ है, मुझे अपने काम के लिए 30,000 रुपये लेने हैं, मैं हाथ-पैर जोड़ना  हूं लेकिन  नहीं देता, जो होता है वह करो" अगर मुझे पैसे मिलते, तो मैं बिजली कंपनी में रुपये भर कर मीटर लाता, जिससे मैं नवरात्रि में अपनी मां के जीवन से अंधेरा हटाना चाहता था। हालांकि, मुझे पैसे नहीं मिले और मैंने आत्महत्या कर ली। अमरोली पुलिस ने काशीनाथ के खिलाफ शिकायत दर्ज कर आगे की जांच कर रही है। 
अमरोली थाने के पीएसआई एमजी राठौर  ने कहा कि आत्महत्या का कारण बताने वाले शब्द आत्महत्या के दूसरे दिन घर की पानी की टंकी से मिले एक नोट में लिखे गए थे। आरोपी ने कहा, 'हम दोनों बचपन के दोस्त थे। पैसा देना था। अभी दो दिन पहले 2500 दिए थे। मैंने उसकी मां का भी ख्याल रखता हूं। मुझे नहीं पता था कि महेंद्र मानसिक तनाव की ऐसी स्थिति में होगा कि वह आत्महत्या कर लेगा। नहीं तो हम कहीं से भी पैसे लेकर दे देता। भले ही मेरे खिलाफ  अपराध दर्ज किया  जाता है, लेकिन  चिंता उसकी मां की है। अब इसकी देखभाल कौन करेगा? यही कह रहा था।

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