सूरत :  फागोत्सव केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की आत्मा से जुड़ी एक जीवंत परंपरा 

विशिष्ट अतिथियों ने राजस्थान युवा संघ की संगठन क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा की

सूरत :  फागोत्सव केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की आत्मा से जुड़ी एक जीवंत परंपरा 

राजस्थान युवा संघ द्वारा आयोजित फ़ागोत्सव 2026 के दूसरे दिन संस्कृति, परंपरा, लोककला और देशभक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। हजारों समाजबंधुओं की गरिमामयी उपस्थिति और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि फ़ागोत्सव केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की आत्मा से जुड़ी एक जीवंत परंपरा है, जो वर्षों से  गुजराती मारवाङी समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है।

राजस्थान से पधारे विशिष्ट अतिथियों में श्रवण सिंह बगड़ी (प्रदेश महामंत्री, बीजेपी), मिथिलेश गौतम (प्रदेश महामंत्री, बीजेपी) एवं शंकर गौरा (प्रदेश युवा अध्यक्ष, बीजेपी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, नई पीढ़ी को संस्कार प्रदान करते हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने राजस्थान युवा संघ की संगठन क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भव्यता की नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। पणिहारी ग्रुप जयपुर द्वारा प्रस्तुत  घूमर, भवई, तेरा ताली, मयूर नृत्य एवं वीर हनुमाना की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भवई नृत्य में कलाकारों का अद्भुत संतुलन और मयूर नृत्य की मनोहारी छटा ने तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी। महिला शक्ति द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक घूमर ने राजस्थानी शालीनता और सौंदर्य की अनुपम झलक प्रस्तुत की।

इसके साथ ही माली समाज, घांची समाज, शिरवी समाज एवं सैनी समाज द्वारा पारंपरिक गेर की जोशपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी गईं। कुमावत समाज के पुरुष एवं महिला वर्ग ने भी पारंपरिक गैर नृत्य में भाग लेकर सामाजिक एकता और उत्साह का संदेश दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप, पारंपरिक परिधान और युवाओं की ऊर्जावान भागीदारी ने पूरे मैदान को उत्सवधर्मी बना दिया। 

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कार्यक्रम का एक अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण वह रहा जब देशभक्ति कविता के साथ उपस्थित दर्शकों ने तीन अलग-अलग रंगों के गुब्बारे लहराकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण तिरंगे के रंगों में रंग गया। मंच से गूंजे ओजस्वी शब्द — “आज़ादी के सदा अमर बलिदान को गाने आया हूँ…” — जिन्हें वीरेंद्र राजावत ने अपने प्रभावशाली और जोशीले अंदाज़ में प्रस्तुत किया। उनके उद्बोधन ने हजारों दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए और पांडाल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

संघ अध्यक्ष विक्रम सिंह शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि फ़ागोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कृति संरक्षण, सामाजिक एकता और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ना है। संघ सचिव जगदीश शर्मा ने सभी अतिथियों, समाजबंधुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे आयोजन संभव हो पाते हैं।

कार्यक्रम के संयोजक राम अवतार पारीक एवं रमेश राठी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सह-संयोजक बनवारी जाट एवं विनोद सारस्वत ने व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखते हुए कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया। कार्यकर्ताओं की टीम ने अनुशासन, व्यवस्था और आतिथ्य का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान युवा संघ केवल सांस्कृतिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय है। संघ द्वारा राजस्थान मानव सेवा संघ के नाम से संचालित अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का रियायती दरों पर उपचार किया जाता है। जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना संघ का प्रमुख उद्देश्य है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है।

हजारों की संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे संस्कृति, सेवा, संगठन शक्ति और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण बताया। फ़ागोत्सव 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो परंपरा उत्सव बन जाती है और उत्सव प्रेरणा में बदल जाता है।

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