सूरत : आज 75 मुमुक्षु सांसारिक जीवन का त्यााग कर संयम के मार्ग पर प्रयाण करेंगे

मुमुक्षुओं की सामुहिक वर्षीदान यात्रा का अलौकिक नजारा

सूरत में रविवार को ७५ मुमुक्षु दीक्षा ग्रहण करके सांसारिक जीवन का त्याग करके संयमी मार्ग पर आगे बढ़ेगे उससे पूर्व शनिवार को सभी मुमुक्षुओं की सामुहिक भव्व वर्षीदान यात्रा शहर के रास्ते से गुजरी जिसमें हजारो लोग शामिल होकर ऐतिहसिक क्षण के साक्षी हुए

दीक्षानगरी सूरत में 75 मुमुक्षु की एकसाथ गजराज के साथ भव्य वार्षीदान यात्रा निकली
दीक्षाधर्म के महान नायक, योगतिलक्षुरीश्वरजी महाराजा के तपस्वी भाषण के प्रभाव में हो रहे 75 सामूहिक सोमवार 29 नवंबर 2021 को  सूरत के वेसु स्थित अध्यात्म नगरी में करीब 75 मुमुक्षु एक साथ दीक्षा लेने जा रहे हैं। मुमुक्षु के दीक्षा लेने से पहले रविवार को अंतिम वार्षीदान यात्रा निकली। मजुरागेट दयालजी बाग से वेसु अध्यात्मनगरी तक रास्ते में भव्य वर्षीदान यात्रा का जगह जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया तथा यात्रा के दौरान गजराज, सिंह की बग्गी और पुरे भारत से मंगाए गए प्रसिध्द बैंड आकर्षण का केन्द्र रहे। दीक्षा के इस अवसर को शुभ बनाने के लिए गजराज  और ढोलनगडे के साथ बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। 
यहां उल्लेखनीय है कि एक साथ एक मंडप में 75 मुमुक्षु दीक्षित होंगे। जिसमें 7 साल के छोटे बच्चे से लेकर 70 साल के बड़े बुजुर्ग तक शामिल हैस  इसमें साधन संपन्न करोड़पति समेत पूरा परिवार भी दीक्षा में शामिल है। 
आज वर्षीदान यात्रा के अंदर कई लोग मौजूद थे और उन्होंने इस अवसर को यादगार बना दिया। आज भी पड़े लिखे शिक्षित साधन संपन्न करोडपती लोग भी बड़ी संख्या में जैन धर्म की दीक्षा ले रहे हैं जो पूरे शहर और देश में चर्चा का विषय बन गया है।  आज रविवार को आध्यात्मिक नगरी वेसु में 75 मुमुक्षु औपचारिक रूप से संसारीक सुख और मोह माया का त्याग कर संयम के मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। 
आज सुबह से दीक्षा विधि के लिए एक अनूठा अवसर
जिस दि जिस घडी का पूरा भारत इंतजार कर रहा था वह गुरूयोग के सिंहसत्वोत्सव में 75 मुमुक्षुों की आज सामुहिक दीक्षा की प्रतिक्षा पुर्ण होने की अवसर आया है। समय भी सावधान रहकर इस पुण्य क्षण का आनंद उठाएगा जब 75 दीक्षार्थि एक-एक करके संसार का त्याग करेंगे। इतिहास स्वयं धर्मत्याग का एक अनूठा इतिहास रचेगा। पांच दिवसीय सिंहसत्वोत्सव के पांचवें दिन सोमवार को सुबह 4.41 बजे गुरु भगवंतो और मुमुक्षु दीक्षा मंडप में प्रवेश करेंगे।  
सूबह  6.48 बजे राजोहरन प्रधान होगा और सुबह 10.08 बजे अलौकिक कैश लॉचन होगा। जो पहले कभी नहीं देखा गया है, वह सामूहिक केशलोचन का एक अद्भुत माहौल तैयार करेगा। इसके बाद सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर दान की घोषणा होगी। उपस्थित सभी लोग दीक्षार्थिओं का अभिवादन कर सकेंगे। वहीं दोपहर 12.16 बजे नामकरण संस्कार होगा। अभी पूरे भारत से हजारों लोग राजोहरन के ऐतिहासिक पलों का इंतजार कर रहे हैं। 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें