सूरत : एमएसएमई यूनिट्स के लिए सदर्न गुजरात चैंबर का क्रेडिट गारंटी स्कीम्स पर हुआ विशेष कार्यक्रम
15 में से तीन प्रमुख स्कीम सूरत के एक्सपोर्टर्स, एमएसएमई और स्टार्ट-अप्स के लिए अत्यंत उपयोगी : दुर्गेश पांडे
सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) और बैंक ऑफ़ बड़ौदा के सहयोग से शनिवार, 3 जनवरी 2026 को उषाकांत के. मार्फतिया हॉल, सरसाना, सूरत में ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम्स’ पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई यूनिट्स, एक्सपोर्टर्स और स्टार्ट-अप्स को सरकार द्वारा संचालित क्रेडिट गारंटी फ्रेमवर्क की जानकारी देकर वित्तीय संसाधनों तक उनकी पहुंच को आसान बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर के ऑनरेरी सेक्रेटरी बिजल जरीवाला ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि चैंबर सूरत और दक्षिण गुजरात की इंडस्ट्रीज़ को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर NCGTC, मुंबई के सीईओ एवं होल-टाइम डायरेक्टर दुर्गेश पांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न सरकारी क्रेडिट गारंटी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सही जानकारी के अभाव में कई छोटे उद्यमी क्रेडिट सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं, जबकि इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें बिना अधिक बाधाओं के ऋण मिल सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 15 क्रेडिट गारंटी स्कीम्स चल रही हैं, जिनमें से तीन स्कीम सूरत के इंडस्ट्रियलिस्ट्स के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
दुर्गेश पांडे ने बताया कि पहली स्कीम एक्सपोर्टर्स के लिए है, जो अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए लाई गई है, जिसमें सरकार 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी प्रदान करती है और लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक के सहयोग का प्रावधान है। दूसरी स्कीम एमएसएमई के लिए म्यूचुअल गारंटी स्कीम है, जो एक हाइब्रिड मॉडल पर आधारित है, जिसमें लचीला रीपेमेंट पीरियड और दो वर्ष का मोरेटोरियम शामिल है। तीसरी स्कीम स्टार्ट-अप्स के लिए है, जिसमें फिजिकल एसेट्स के अभाव में भी बैंकों के साथ-साथ एआईएफ (अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड) के माध्यम से फंडिंग संभव है। उन्होंने बैंकों से कोलैटरल पर अत्यधिक जोर न देने की अपील भी की।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कॉर्पोरेट ऑफिस में गवर्नमेंट प्रोडक्ट्स एमएसएमई के प्रमुख राजकुमार गोयल ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सरकार की विभिन्न योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एमएसएमई को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए बैंकिंग सेक्टर द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन योजनाओं, सुविधाओं और डिजिटल बैंकिंग में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की भूमिका पर प्रकाश डाला। बैंक ऑफ़ बड़ौदा के चक्रपाणि ने एमएसएमई प्रोडक्ट्स पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया।
इस अवसर पर चैंबर के ऑनरेरी ट्रेजरर सीए मितिश मोदी, बैंकिंग (को-ऑपरेटिव सेक्टर) कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. जयना भक्ता, बैंक ऑफ़ बड़ौदा सूरत जोन के डीजीएम बीडी निर्मल पटेल, सूरत सिटी के डीजीएम एवं रीजनल हेड मुकेश नवल, सूरत जोन के एजीएम क्रेडिट विवेक कुमार सिंह सहित अनेक उद्योगपति और एक्सपोर्टर्स उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर के पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। चैंबर की बैंकिंग (नेशनलाइज्ड एवं प्राइवेट) कमेटी के को-चेयरमैन सीए राजीव कपासियावाला ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। सत्र के दौरान आयोजित ‘ओपन हाउस’ में विशेषज्ञों ने एक्सपोर्टर्स और उद्यमियों के सवालों के जवाब दिए, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
