सूरत : पाल वॉकवे का पानी पिछले दस दिनों से सड़क पर बर्बाद हो रहा है

पाल वॉक वे पर पानी की बर्बादी की तस्वीर

प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने पर वाहन चालक हो रहे है परेशान

बगीचे के लिए नल के पानी का दुरुपयोग पाया गया
भीषण गर्मी के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए लोगों को पानी बचाने की सलाह देने वाली नगर पालिका खुद पानी बर्बाद कर रही है। पिछले दस दिनों से पाल कैनाल रोड पर बने वॉक-वे से पानी बर्बाद हो रहा है। यह पानी सार्वजनिक सड़कों पर बह रहा है। इन वॉकवे के अलावा लैरी गल्लावाला नगर निगम के बगीचों और सर्किलों में लगे पानी के नलों को फूल-पौधों के रख-रखाव के लिए गाली दे रहे हैं। लेकिन सिस्टम द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के कारण पानी की बर्बादी हो रही है।
सूरत नगर पालिका के पाल-पालनपुर कैनाल रोड पर एक पैदल मार्ग का निर्माण किया गया है। इस वॉक-वे में लगाए गए फूलों के पौधों की देखभाल के लिए कहीं-कहीं पानी के नल के बिंदु भी उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन पिछले दस दिनों से इस रास्ते से पानी की बर्बादी से सार्वजनिक सड़कों पर पानी बह रहा है। इससे वाहन चालकों को परेशानी होने के साथ-साथ गंदगी भी हो रही है। इस वॉक-वे से पानी बर्बाद होने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। लोगों की शिकायतों के बावजूद नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा हो।
इन वॉकवे में फूलों के पौधों की देखभाल के लिए पानी के नल लगाए गए हैं। लेकिन इसका उपयोग नगर निगम व्यवस्था कम और आसपास खड़ी लॉरी व मजदूरों द्वारा ज्यादा किया जा रहा है। पानी की बर्बादी हो रही है क्योंकि लॉरी यहां से पानी भरकर नलों को खुला छोड़ देती हैं। इस तरह की समस्या सिर्फ इसी वॉक-वे की नहीं है बल्कि नगर पालिका के सभी अंचलों को सर्कल के रखरखाव के लिए वाटर प्वाइंट दिए गए हैं। इसका इस्तेमाल आसपास के लारी गल्ला के लोग ही कर रहे हैं।
पालिका सूरत के लोगों को मीटर से पानी सप्लाई कर रही है। लेकिन अवैध रूप से सड़क पर धक्का-मुक्की कर खड़े लैरी गल्लावाला नगर निगम सर्कल, गार्डन और वॉक-वे से पानी के दो रॉकटॉक का इस्तेमाल कर रहे हैं। मोरभागा के पास चार सड़कों पर बने घेरे में बने पानी के नल से सड़क भरने वाली मछली बाजार में अंधाधुंध तरीके से पानी का इस्तेमाल हो रहा है। इतना ही नहीं यह पानी सार्वजनिक सड़कों पर भी डाला जा रहा है। पालिका के बगीचे, पैदल मार्ग और घेरे के पानी का दुरूपयोग हो रहा है और निगम व्यवस्था खामोश बैठी है। पानी की बर्बादी से हादसों की आशंका के साथ ही लोगों का स्वास्थ्य भी खतरे में है और लोग इस प्रदूषण को दूर करने की मांग कर रहे हैं।

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