सूरतः घट रही है कोरोना की स्थिति, हीरा उद्योग में आया उछाल, व्यापारियों में खुशी का माहौल

सूरत की हीरा फैक्टरी में हीरा तरासने में व्यस्त कारीगर

सूरत में कोरोना संक्रमण काबू में आने के साथ सबसे अधिक प्रभावित हीरा उधोग मे तेजी के साथ व्यापारीयों तथा कारीगरों में खुशी का महौल छाया हुआ है।

अप्रैल-मई 2019 की तुलना में अप्रैल-मई 2021 में 9 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है
सूरत शहर का हीरा उद्योग कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। कोरोना की स्थिति अब काबु मे आने पर हीरा उद्योग में   स्थिति फलफूल रही है। सूरत का हीरा उद्योग कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। रत्न और आभूषण के निर्यात में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कटे और पॉलिश किए गए हीरों की मांग भी बढ़ी है। चीन, हांगकांग, तुर्की और सऊदी अरब में कोरोना की स्थिति से राहत मिली है. यूएई, अमेरिका, बेल्जियम और यूरोपीय देशों में खरीदारी बढ़ी है। अप्रैल-मई 2019 की तुलना में अप्रैल-मई 2021 में 9  प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है।
कोरोना काल में सूरत से हीरे का निर्यात भी बढ़ा है क्योंकि विदेशों में हीरे की मांग बढ़ी है। अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 तक कुल 9600 करोड़ प्राकृतिक हीरे का निर्यात किया गया। वित्त वर्ष के आखिरी महीने में मार्च में रिकॉर्ड ब्रेक देखा गया। अकेले मार्च 2021 में 6,000 करोड़ रुपये के प्राकृतिक हीरे का निर्यात किया गया।
अकेले मार्च में सूरत से नैचुरल पॉलिश्ड डायमंड का निर्यात 5,948 करोड़ रुपये में किया गया। सूरत से 388.14 करोड़ रुपये के सिंथेटिक हीरे का निर्यात दर्ज किया गया। कोरोना की दूसरी लहर का सबसे ज्यादा असर सूरत के हीरा उद्योग पर पड़ा है। विदेशों में हीरों के निर्यात से हीरा उद्योग को राहत मिली है।
सूरत दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड हब होगा, जिसमें 4500 कार्यालयों में 65,000 लोग एक ही छत के नीचे काम करेंगे। सूरत का सबसे बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट 'डायमंड बोर्स' दिवाली तक चालू हो जाएगा। सूरत का यह डायमंड एक्सचेंज सीधे तौर पर 65 हजार लोगों को रोजगार दे सकेगा। एक अनुमान के मुताबिक, शेयर बाजार बनने के बाद 1.5 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

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