सूरत : सिविल अस्पताल से गायब हुआ मरीज़ तीसरी मंजिल के वार्ड से मिला, परिजनों की जान में जान आई

बिना किसी कागजी कार्यवाही के भेज दिया गया तीसरे माल के वोर्ड में, परिवार ने करवा लिया डिस्चार्ज

कोरोना के कारण सिविल हॉस्पिटल में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। सोमवार को गोड़ादरा के एक मरीज का होस्पिटल में आता पता नहीं लग पा रहा था। मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया है या अभी भी उपचार चल रहा है यह भी पता नहीं चल रहा है। आखिरकार बड़ी मेहनत के बाद परिवारजनों ने उसे सिविल हॉस्पिटल के तीसरे मंजिल पर से ढूंढ निकाला। गोडादरा के आसपास मंदिर में महापूर्व सोसायटी में रहने वाले डॉ मनोज धीरेंद्रनाथ मजूमदार को कोरोना की शिकायत होने के कारण पहले निजी अस्पताल में दाखिल करने का प्रयास किया गया लेकिन बेड फुल हो जाने के कारण सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।
रविवार की शाम को कोविड-19 में दसवीं मंजिल पर उन्हें दाखिल किया गया था। इसके बाद को उनके परिवारजन ने हाल समाचार पूछने के लिए गए थे तब मरीज अपने बेड पर नहीं थे। स्टाफ ने कहा कि मरीज को छुट्टी दे दी गई है। यह सुनकर परिवार जन चौक गए कि बीमार मनोज भाई को छुट्टी कैसे दी जा सकती है? इसके बाद उन्होंने सिविल के स्टाफ से बहुत पूछताछ की लेकिन वह संतोष कारक जवाब नहीं दे पाए। जिससे कि परिवारजनों की चिंता बढ़ गई थी। उन्होंने सिविल के इनचार्ज सुपरिटेंडेंट डॉ एसएम पटेल को भी गुहार लगाई थी। इसके बाद मरीज के परिवारजनों ने खुद ही हॉस्पिटल के प्रत्येक वार्ड में जाकर मनोज भाई की खोज की थी। 
मंगलवार की देर रात तीसरी मंजिल से मनोज भाई मिले। मनोज मजमुदार के भांजे विनय राय ने बताया कि सिविल अस्पताल में बिना किसी प्रकार का रिकॉर्ड दर्ज किए उन्हें तीसरी मंजिल पर भेज दिया गया था। जिसके चलते परिवारजनों ने आखिरकार कंटाल कर सिविल हॉस्पिटल से डिस्चार्ज ले लिया।

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