सूरत : सिविल अस्पताल में लापरवाही की सीमा,ऑपरेशन के नाम पर मरीज को दो दिनों तक रखा भूखा और नहीं किया ऑपरेशन

सूरत सिविल अस्पताल की फाइल फोटो।

डॉक्टरों के रवैये से परेशान मरीज के परिजन ने अधीक्षक को की लिखित शिकायत

देश में सरकारी अस्पताल, विद्यालय और दफ्तर अपने काम न करने और लापरवाही के कारण ऐसे ही बदनाम है। ऊपर से आये दिन इन बातों को सही साबित करने के लिए कुछ मामले सामने आते रहते है। अब ऐसा ही कुछ हो रहा सूरत के नई सिविल अस्पताल में, जहाँ कुछ चिकित्सा अधिकारियों के चल रहे लापरवाही के कारण मरीजों की हालत गंभीर हो गई है। इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके सामने आने के बाद से ही प्रशासन में भी हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर लगातार दो दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद गुरुवार दोपहर ओलपाड के अधेड़ व्यक्ति को बिना कारण बताए ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया। 

ये है पूरा मामला


मामले में मिली जानकारी के अनुसार ओलपाड के बीघा हलपतिवास में रहने वाले भगवतीभाई बुधियाभाई राठौड़ कृषि कार्य करते हैं। एक माह पूर्व घर पर गिरने से उनके बाएं हाथ में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए सिविल ले जाया गया। उन्हें यहां एफ-2 वार्ड में भर्ती कराया गया था और एक पखवाड़े पहले उनकी सर्जरी हुई थी। उसके बाद भगवती भाई के हाथ में मवाद आ गया। इस पर डॉक्टरों ने प्लास्टिक सर्जरी करने को कहा। जिसके बाद डॉक्टरों के रवैये से परेशान मरीज के परिजन ने अधीक्षक को लिखित शिकायत की।

दिन भर बैठा रहा ओटी के बाहर 


भगवती माई के दामाद शैलेश राठौर ने कहा कि ऑपरेशन बुधवार को है, यह कहते हुए कि डॉक्टरों ने उन्हें मंगलवार रात से खाना और पानी देने से मना कर दिया था। फिर बुधवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक ऑपरेशन थियेटर के बाहर बैठे रहे, लेकिन उसका ऑपरेशन नहीं हुआ। इसी बीच शाम के चार बजे एक डॉक्टर आया और बोला कि आप देर से आये इसीलिए मैडम चली गई। अब, गुरुवार को आना तब ऑपरेशन होगा। अब जब ऑपरेशन गुरुवार को था, तो बुधवार की रात भी भगवती भाई भूखे-प्यासे थे। हालांकि, गुरुवार दोपहर तक ऑपरेशन थियेटर के बाहर रखने के बाद ऑपरेशन करने वाली महिला ने हाथ पर पट्टी खोली और बिना उचित कारण बताए ‘आज ऑपरेशन नहीं किया जाएगा’ कहते हुए वार्ड में भेज दिया। 

अधीक्षक को मिली लिखित शिकायत


इस बारे में अधीक्षक डॉ गणेश गोवेकर ने कहा, मुझे इस मामले में लिखित शिकायत मिली है। इसके बाद अब मामले में ऑपरेशन की अनुमति क्यों नहीं दी गई? प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ निशान सहित जानकारी लेने के लिए कार्यालय बुलाया गया है।

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