सूरत : लंबे समय से पगार ना बढ़ाने पर कर्मचारी ने भेजी व्यापारी को अंडरवर्ल्ड के नाम की धमकी

(Photo Credit: gujaratmitra.in)

पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया मामला, अंडरवर्ल्ड के नाम पर मांगे थे 2 करोड़

वेसु में रहने वाले कपड़ा व्यापारी को एक धमकी भरा पत्र और बंदूक मिलने के बाद कपड़ा जगत में सनसनी मच गई। हालांकि अंडरवर्ल्ड के नाम से मिली धमकी असल में एक सामान्य कर्मचारी द्वारा भेजा गया था। दरअसल एक कपड़ा ने अपने यहाँ काफी समय से काम कर रहे एक कर्मचारी की जरुरत के समय मदद नहीं की और उसका वेतन भी नहीं बढ़ाया। इस पर कर्मचारी ने ऐसा कदम उठाया। पगार बढ़ाने के अलावा व्यापारी ने कर्मचारी के दोस्त की मौत के वक्त भी उसकी मदद नहीं की, इस पर कर्मचारी ने मुंबई के 'डी' गैंग के नाम से पिस्टल भिजवाई और फिर व्यापारी से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, शहर पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर ऐसा करने वाले कर्मचारी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकरी के अनुसार रिंग रोड स्थित शिवशक्ति मार्केट के एक व्यापारी को अज्ञात युवक द्वारा दिए गए पार्सल में पिस्टल व कारतूस मिले हैं। इसमें एक पत्र था जिसमें दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। राजस्थान में उदयपुर के गोगुंडा तालुका के जशवंतगाम के मूल निवासी लोकेशभाई लक्ष्मीलाल और सूरत में वेसु कैनाल रोड डीजी गोयनका स्कूल के पास ओमदर्शन अपार्टमेंट के निवासी सिंधवी रिंग रोड पर शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट में ट्रेड करते हैं। जब वे दुकान पर थे तभी एक नाबालिग उनके पास पहुंचा और पार्सल सौंप दिया। लोंकेशभाई ने पार्सल की जाँच की जिसमें एक पिस्तौल और चार कारतूस पाए गए। इसके अलावा मुंबई के 'डी' गिरोह के नाम पर फिरौती की माँग करते हुए अंग्रेजी में एक पत्र लिखा। लोकेशभाई ने सलाबतपुरा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच की।
शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उसी व्यापारी के यहाँ काम करने वाले सागर भगवान महाजन को उसके लिंबायत में विट्ठल मंदिर के सामने वाले निवास से  गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ की तो सागर ने बताया कि उसने अपने दोस्त किरण पीतांबर महाजन के साथ मिलकर फिरौती की योजना बनाई थी। सागर का वेतन 10,000 रुपये था। वेतन वृद्धि की बार-बार मांग के बावजूद, लोकेशभाई ने उसका वेतन नहीं बढ़ाया। इसके अलावा, सागर के दोस्त की दो महीने पहले मृत्यु हो गई। इसके लिए भी रु। 10 हजार की मदद मांगी थी। इस पर भी व्यापारी ने मदद नहीं की। इस पर फिरौती के लिए उसने मुंबई के डी गैंग के नाम से पूरी योजना बनाई। सागर ने ऑनलाइन गूगल ट्रांसलेट से अंग्रेजी में पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है, " अगर आप 2 करोड़ रुपये देते हैं तो आप और आपके परिवार के सभी सदस्यों को कोई नुकसान नहीं होगा।, और आप और आपका परिवार शांति से रह पाएंगे।" साथ ही अंत में लिखा था कि यह कहकर फिरौती की मांग की गई थी, ''आज शाम तुम्हारा समय है, इस शाम के बाद हमारा समय आएगा।''
पुलिस के मुताबिक सागर पिछले आठ साल से लोकेशभाई की दुकान में साड़ियां पैक करने का काम कर रहा था। उनका वेतन मात्र 10 हजार रुपए था। वहीं, दुकान पर आने वाले किसी भी नए कर्मचारी को 9500 मिलता था। सागर ने बार-बार लोकेशभाई से अपना वेतन बढ़ाने के लिए कहा लेकिन लोकेशभाई ने उनका वेतन नहीं बढ़ाया। अंततः सागर ने ये योजना बनाई थी।

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