सूरत : चैंबर द्वारा ज्वैलर्स जागरूकता के लिए 'नई हॉलमार्किंग नीतियों पर ' संगोष्ठी आयोजित

जौहरियों से ऑनलाइन बीआईएस पंजीकरण करने का अनुरोध किया

दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा सूरत में 'नई हॉलमार्किंग नीतियों के संबंध में मुद्दे और दिशानिर्देश' पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

आभूषण बेचने वाले और आभूषण बनाने वाले दोनों ही जौहरियों की श्रेणी में शामिल 
दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) द्वारा बुधवार 4 अगस्त 2021 को पूर्वाह्न 11:00 बजे समृद्धि, नानपुरा, सूरत में 'नई हॉलमार्किंग नीतियों के संबंध में मुद्दे और दिशानिर्देश' पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के भारतीय मानक ब्यूरो के वैज्ञानिक एस.के. सिंह ने 16 जून 2021 से लागू होने वाली नई हॉलमार्किंग नीतियों पर ज्वैलर्स को विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
एस.के. सिंह ने बीआईएस अधिनियम 2016 के बारे में उन्होंने कहा कि आभूषण बेचने वाले और आभूषण बनाने वाले दोनों ही जौहरियों की श्रेणी में शामिल हैं। आभूषण निर्माण और बिक्री करनेवाले दोनों को ही जौहरी कहा जाता है। केवल बीआईएस में पंजीकृत ज्वैलर्स ही सर्टिफाइड ज्वैलर कहलाते हैं। जो पहले फिजिकल हुआ करता था वह बीआईएस पंजीकरण अब ऑनलाइन हो गया है। क्योंकि हॉलमार्किंग सोने और चांदी में की जाती है इस लिए उन्होंने सभी जौहरियों से बीआईएस पंजीकरण कराने का अनुरोध किया उन्होंने बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत धारा 14, उप धारा 5 और 6 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। धारा 15-1 के अनुसार ज्वैलर्स बीआईएस पंजीकरण के बिना किसी भी आभूषण को बेच, स्टोर और प्रदर्शित नहीं कर सकते हैं। ज्वैलर्स टेस्टिंग के बाद पास हुए ज्वैलरी पर ही हॉलमार्किंग लगा सकेंगे। केवल बीआईएस द्वारा अधिकृत ज्वैलर्स को ही प्रमाणित माना जाएगा और उन्हें पूरी प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि 16 जून 2021 से लागू नई हॉलमार्किंग नीतियों में गुजरात के 28 जिलेऔर देश के 256 जिलों में सोने पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि निर्यात के लिए घरेलू प्रदर्शनियों में 2 ग्राम से कम वजन वाली वस्तुओं और बीटीबी के लिए सोने पर हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। उन्होंने ज्वैलर्स को यह भी बताया कि सोने पर हॉलमार्किंग कैसे की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर 40 लाख रुपये से कम टर्नओवर वाले लोगों को हॉलमार्किंग ज्वैलरी बेचनी है तो ऑनलाइन बीआईएस रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जौहरी पंजीकरण प्रक्रिया के लिए कौन से दस्तावेजों की आवश्यकता है उसकी उन्होने जानकारी दी । साथ ही सोने और चांदी के संयोजन पर भी चर्चा हुई। उन्होंने जौहरियों से www.manakonline.in पर ऑनलाइन बीआईएस पंजीकरण करने का अनुरोध किया और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से समझाया।
संगोष्ठी में चैंबर अध्यक्ष आशीष गुजराती ने स्वागत भाषण दिया। चैंबर की जेम एंड ज्वैलरी कमेटी के चेयरमैन नैनेश पच्चीगर ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की। संगोष्ठी में एस.के. सिंह ने ज्वैलर्स के सभी सवालों के जवाब दिए। अंत में चैंबर के मानद मंत्री दीपक कुमार सेठवाला ने सर्वे का आभार व्यक्त करते हुए सेमिनार का समापन किया।

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