सूरत : शवों की पैकिंग और कागज़ी कार्रवाई ठीक से करवाने सिविल अस्पताल में कर्मचारी को 100 रु इंसेंटिव

प्रतिकात्मक तस्वीर

जल्द कर्मचारी नहीं मिलने के कारण लिया गया निर्णय

शहर में अत्यंत विनाशक रूप ले चुके कोरोना के कारण अब सभी की स्थिति खराब हो चुकी है। ऐसे में अब कोरोना के कारण मरे हुये मृतदेहों की पेकिंग करने भी कोई आगे नहीं आ रहा। इसके चलते शहर की कोविड 19 अस्पताल में मृतदेह के पेकिंग और ठीक से कागजी कार्यवाही करने वाले कर्मचारियों को पगार के अलावा प्रति मृतदेह इंसेंटिव देने की  नौबत आ गई है।
स्थानीय समाचार पत्र संदेश की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के बढ़ते कहर के बीच पिछले 24 घंटो में सिविल में से 51 और स्मीमेर में से 19 लाशों की कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार अंतिमविधि की गई थी। कोरोना के मरीजों को इलाज के दौरान मरीजों को मृतदेह देने में कई तरह की गड़बड़ सामने आई है। जिसके चलते कई बार परिजनों को काफी तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में इस समस्या का समाधान लाने के लिए सिविल तंत्र ने मृतदेह का पेकिंग करने वाले और कागजी कार्यवाही करने वाले डेटा ऑपरेटर को इंसेंटिव देकर काम करवाने का निर्णय लिया है। 
इस बारे में एक तबीबी अधिकारी ने कहा की वर्ग-4 के अधिकारियों को पगार के अलावा 100 रु इंसेंटिव दिया जाएगा। यदि एक कर्मचारी अपने ड्यूटी समय में 10 मृतदेहों का पेकिंग करता है तो उसे एक दिन का हजार रुपए अलग से मिलेंगे। महीने के अंत में बिल बनाकर यह सभी रकम एक साथ दे दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है की काम करने के लिए कर्मचारी नहीं मिल रहे और यदि मिल रहे तो काम सही से नहीं हो पा रहा, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। 
इसके अलावा शहर के सबसे ज्यादा संक्रमित इलाकों को हाई रिस्क जॉन मान कर एसआरपी के जवानों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सब्जी मार्केट, हीरा उद्योगों, कपड़ा बाजार, शनि-रविवारी बाजार जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पालिका और पुलिस संयुक्त रूप से काम करेंगे। 

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