सूरत : रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार से ओपीडी का बहिष्कार करेंगे, इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी

स्मीमेर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने डीन से पेशकश की

मेडिकल कॉलेजों में पीजी प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में देरी से रेजिडेंट डॉक्टरों पर बढ़ा बोझ

कोरोना महामारी के कारण सूरत के मेडिकल कॉलेजों में पीजी प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई है, जिससे अन्य वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ गया है। इसी शिकायत के साथ नई सिविल एवं स्मीमेर अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने  सोमवार से आंदोलन शुरू कर ओपीडी के संचालन का बहिष्कार करने की घोषणा की है।
सूरत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने पहले मई में पीजी प्रथम वर्ष के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की थी और अगस्त तक इसे पूरा कर लिया था। लेकिन कोरोना के चलते कई महीनों बाद रिजल्ट में देरी हुई और चार महीने लेट होने के बावजूद एडमिशन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टरों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। स्मीमेर के जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के डीन से पीजी काउंसलिंग सह प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए विभिन्न विभागों में वरिष्ठ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई है।  मांगें नहीं मानने पर सभी डॉक्टरों ने  सोमवार 29 नवंबर से ओपीडी कार्य से दूर रहने की धमकी दी है। हालांकि इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी।
न्यू सिविल अस्पताल के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जिग्नेश गांगडिया ने कहा कि चूंकि पीजी की प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, इसलिए सोमवार और मंगलवार को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सभी ओपीडी के काम से दूर रहेंगे। हालांकि, अगर सही फैसला नहीं लिया गया तो बुधवार  से 24 घंटे काम से दूर रहेंगे।

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